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पंजाब बिजली संकट: PSPCL प्रमुख बदले, मंत्री ने आपूर्ति सामान्य होने का दावा किया

अपडेट, 15 सितंबर 2026: पंजाब में बिजली कटौती पर विरोध के बीच राज्य सरकार ने 14 सितंबर को PSPCL के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग का तबादला किया। प्रधान सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह को बिजली निगम की जिम्मेदारी दी गई है। बसंत गर्ग को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग सौंपा गया है।

बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने 14 सितंबर को दावा किया कि बंद बिजली संयंत्रों का संचालन बहाल होने के बाद आपूर्ति सुधर गई है और राज्य में कटौती नहीं हो रही। उन्होंने कृषि क्षेत्र को रोजाना आठ के बजाय दस घंटे बिजली देने की बात भी कही। यह मंत्री का बयान है; हर इलाके में निर्बाध आपूर्ति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

इसी बीच 14 सितंबर को किसान संगठनों ने बिजली कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए। लुधियाना में औद्योगिक प्रतिनिधियों और पटियाला में कांग्रेस ने भी कटौती के खिलाफ विरोध किया। सिंचाई और औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ने की शिकायतें उठाई गईं।

पिछला घटनाक्रम: 10 से 13 सितंबर

पंजाब, 13 सितंबर 2026। धान की फसल के दौरान बिजली आपूर्ति में बाधा को लेकर पंजाब के कई जिलों में किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और फरीदकोट में सड़कों तथा बिजली कार्यालयों के पास विरोध की खबरें आई हैं। किसानों की मुख्य माँग सिंचाई के लिए नियमित कृषि बिजली आपूर्ति है।

मोगा में 12 सितंबर को फिर सड़क पर उतरे किसान

मोगा जिले में शनिवार, 12 सितंबर को किसानों ने बिजली आपूर्ति की समस्या पर बाघापुराना के मुख्य चौक और निहाल सिंह वाला के मुख्य चौक में धरना दिया। दोनों स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। निहाल सिंह वाला के आसपास के गाँवों के किसानों ने कहा कि समय पर बिजली न मिलने से खेतों में पानी लगाना कठिन हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कृषि क्षेत्र के लिए रोजाना आठ घंटे निर्बाध बिजली की माँग रखी। धरना कब समाप्त हुआ और आपूर्ति कब सामान्य हुई, इसकी पुष्ट जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सिंघावाला क्षेत्र में फसल को लेकर चिंता

13 सितंबर को सामने आई किसानों की शिकायतों में सिंघावाला, तारेवाला और नाहलखोटे के आसपास नियमित बिजली और नहरी पानी की कमी बताई गई है। सिंघावाला के किसान जगदीप सिंह ने कहा कि उनकी लगभग 11 एकड़ धान की फसल को अभी सिंचाई चाहिए। केबल सिंह ने लगभग 20 एकड़ फसल पर जोखिम बताया। ये किसानों के अपने विवरण हैं; पूरे जिले में फसल नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है। किसान नेता इकबाल सिंह ने मोगा में और धरनों की चेतावनी दी है। बिजली विभाग के अधिकारी बलबीर सिंह ने आपूर्ति सुधारने और आठ घंटे कृषि बिजली उपलब्ध कराने की कोशिश की बात कही। इन दावों के बाद वास्तविक आपूर्ति कितनी सुधरी, इसकी पुष्टि बाकी है।

पहले भी कई जिलों में विरोध

10 और 11 सितंबर को मानसा–बरनाला और बठिंडा–गोनियाना क्षेत्र सहित अन्य जगहों पर भी किसानों ने प्रदर्शन किए थे। बठिंडा के गोनियाना के पास एक धरना गुरुवार देर रात आपूर्ति बहाल करने के आश्वासन के बाद हटाया गया था। बिजली उत्पादन की कुछ इकाइयों में तकनीकी खराबी और अधिक माँग के बीच आपूर्ति पर दबाव की बात सामने आई थी। पावरकॉम ने बंद इकाइयों के लौटने के साथ स्थिति सुधरने की उम्मीद जताई थी, लेकिन पूरे क्षेत्र में आपूर्ति सामान्य होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।