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68.35 मीटर के थ्रो से तान्या चौधरी ने बदला भारतीय रिकॉर्ड, एशियाई खेलों में सोने पर नजर

स्टेडियम के हैमर थ्रो घेरे में थ्रो करती भारतीय महिला एथलीट

Tanya Chaudhary: भारतीय एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में उत्तर प्रदेश की 22 वर्षीय तान्या चौधरी ने महिला हैमर थ्रो में 68.35 मीटर का थ्रो कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को हुए मुकाबले में उन्होंने अपने पहले आधिकारिक 64 मीटर से आगे के प्रदर्शन को सीधे 68 मीटर के पार पहुंचा दिया। एशियाई खेल शुरू होने से कुछ दिन पहले आया यह परिणाम भारतीय दल के लिए भी अहम संकेत है।

तान्या ने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया और एक लाख रुपये का पुरस्कार जीता। उत्तर प्रदेश की ही अनुष्का यादव 66.34 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और उन्हें 50 हजार रुपये मिले। राजस्थान की कुलविंदर कौर ने 59.13 मीटर के प्रदर्शन के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

Tanya Chaudhary का 68.35 मीटर वाला निर्णायक थ्रो

तान्या का नया निशान समकालीन प्रतियोगिता रिपोर्टों में दर्ज अनुष्का यादव के 67.02 मीटर के जून 2026 के प्रदर्शन से 1.33 मीटर आगे है। आयोजन से संबंधित एथलेटिक्स महासंघ की रिपोर्ट ने तुलना के लिए सरिता सिंह के 2017 के 65.25 मीटर रिकॉर्ड का उल्लेख किया है। उपलब्ध दोनों मानकों से 68.35 मीटर आगे है, इसलिए तान्या के नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड की स्थिति पर कोई अंतर नहीं पड़ता।

तान्या ने कहा कि वह लगभग तीन साल से राष्ट्रीय रिकॉर्ड का पीछा कर रही थीं। जून में अनुष्का के बेहतर प्रदर्शन ने उनके सामने नया लक्ष्य रखा। दोनों खिलाड़ियों के बीच नियमित प्रतिस्पर्धा ने प्रशिक्षण का स्तर बढ़ाया और दिल्ली में इसका नतीजा एक ही स्पर्धा में दो मजबूत प्रदर्शन के रूप में सामने आया।

घुटने, जांघ की हड्डी और एसीएल की परेशानी

रिकॉर्ड तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं रहा। तान्या के अनुसार उन्हें एक साथ घुटने में बेकर सिस्ट, फीमर यानी जांघ की हड्डी में तनाव से जुड़ी चोट और एसीएल की समस्या का सामना करना पड़ा। जनवरी में घुटने की परेशानी पहली बार महसूस हुई, लेकिन शुरुआत में उन्होंने इसे गंभीर नहीं माना। दर्द और समस्या बढ़ने के बाद अप्रैल में एमआरआई कराया गया और कुछ सप्ताह का विश्राम लेना पड़ा।

प्रतियोगिता में लौटने के बावजूद चोटों का प्रबंधन अभी जारी है। तान्या ने बताया कि उनका आधिकारिक व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ इससे पहले 63.91 मीटर था, जबकि विश्वविद्यालय स्तर की एक प्रतियोगिता में वह गैर-आधिकारिक रूप से 65 मीटर से आगे फेंक चुकी थीं। दिल्ली में 68.35 मीटर का प्रदर्शन इसलिए केवल रिकॉर्ड नहीं, चोट के बाद उनकी वापसी का सबसे बड़ा प्रमाण भी बना।

बागपत के मैदान से निकली प्रतिस्पर्धा

तान्या और अनुष्का दोनों बागपत के श्री कृष्ण इंटर कॉलेज मैदान में प्रशिक्षण करती हैं। यही अभ्यास केंद्र पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी रचना चौधरी सहित कई हैमर थ्रो खिलाड़ियों से जुड़ा रहा है। एक ही जगह प्रशिक्षण करने वाली दोनों एथलीट जब प्रतियोगिता में आमने-सामने होती हैं तो प्रत्येक बेहतर दूरी के लिए दूसरी को चुनौती देती है। दिल्ली में तान्या का रिकॉर्ड और अनुष्का का 66.34 मीटर थ्रो इसी प्रतिस्पर्धी माहौल का संकेत रहा।

हैमर थ्रो में खिलाड़ी तार और पकड़ से जुड़े भारी गोले को निर्धारित घेरे के भीतर घूमते हुए फेंकता है। गति, संतुलन, समय और सुरक्षित तकनीक में मामूली चूक भी दूरी कम कर सकती है या थ्रो को फाउल बना सकती है। तान्या का चार मीटर से अधिक का आधिकारिक व्यक्तिगत सुधार बड़े तकनीकी और शारीरिक बदलाव को दिखाता है।

एशियाई खेलों में स्वर्ण और 70 मीटर अगला लक्ष्य

तान्या एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल में शामिल हैं। वह चयन मानक से केवल दो सेंटीमीटर पीछे रह गई थीं, लेकिन बाद में एथलेटिक्स महासंघ ने उन्हें टीम में जगह दी। उन्होंने कहा कि चयन ने उनका उत्साह बढ़ाया और अब लक्ष्य एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। वहां चीन की मजबूत थ्रोअर और भारतीय साथी अनुष्का यादव प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में होंगी।

रिकॉर्ड के बाद तान्या ने 70 मीटर को अगला व्यावहारिक लक्ष्य बताया। यह दूरी भारतीय महिला हैमर थ्रो को एशियाई स्तर पर नई स्थिति दे सकती है, लेकिन दिल्ली का परिणाम आगामी प्रतियोगिता की गारंटी नहीं है। एशियाई खेलों में प्रदर्शन उस दिन की फिटनेस, परिस्थितियों और छह प्रयासों में सही तालमेल पर निर्भर करेगा।

पुरुष हैमर थ्रो में निर्भय चौधरी ने भी बदला रिकॉर्ड

इसी प्रतियोगिता में पुरुष हैमर थ्रो का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी टूटा। दिल्ली के निर्भय चौधरी ने 71.02 मीटर का थ्रो किया और नीरज कुमार के 2016 में बनाए 70.73 मीटर के निशान को पीछे छोड़ा। एक ही दिन पुरुष और महिला दोनों वर्गों में रिकॉर्ड बनना भारतीय थ्रो स्पर्धाओं की तैयारी के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि रही।

भारतीय एथलेटिक्स सीरीज फाइनल एक दिवसीय पुरस्कार प्रतियोगिता थी, जिसमें कुल 65 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई। महिला हैमर थ्रो में तान्या के रिकॉर्ड के साथ अनुष्का का 66 मीटर से अधिक का प्रदर्शन बताता है कि इस स्पर्धा में घरेलू प्रतिस्पर्धा मजबूत हुई है। देश की आवाज़ की अन्य खेल खबरें भी पढ़ी जा सकती हैं।