हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा ने 12 सितंबर को कोर अर्बन रीजन (इंटीग्रेटेड गवर्नेंस) यानी CURE विधेयक, 2026 पारित किया। प्रस्तावित ढाँचा ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के 1955 के कानून की जगह लेकर ग्रेटर हैदराबाद, साइबराबाद और मलकाजगिरी नगर निगमों तथा संबंधित एजेंसियों के बीच शहरी सेवाओं का समन्वय करेगा।
विधेयक में संपत्ति कर की गणना मौजूदा वार्षिक किराया मूल्य से पूँजी मूल्य पर ले जाने का प्रस्ताव है। विधानसभा में संशोधन के बाद नई पद्धति की ओर बदलाव के दौरान किसी संपत्ति के कर में पिछले साल की देय रकम से सालाना वृद्धि अधिकतम 10 प्रतिशत रखी गई है; प्रारंभिक मसौदे में 20 प्रतिशत का प्रावधान था। यह हर संपत्ति के कर में तत्काल 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा नहीं है।
सरकार का कहना है कि एकीकृत व्यवस्था से सड़क, जलनिकासी, बाढ़ प्रबंधन, भवन अनुमति और व्यापार लाइसेंस जैसी सेवाओं में तालमेल सुधरेगा। विधेयक विधानसभा से पारित हुआ है; लागू होने की आगे की औपचारिक प्रक्रिया और विस्तृत नियमों पर नज़र रखनी होगी।

