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यूपी कैबिनेट ने 900 नए न्यायालयों और 6,656 नियमित पदों को मंजूरी दी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार 15 सितंबर को प्रदेश के जिलों में पहले चरण में 900 नए अधीनस्थ न्यायालय स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इनके लिए 6,656 नियमित और 2,428 आउटसोर्स पद सृजित होंगे। इस निर्णय का उद्देश्य जिला अदालतों में लंबित मुकदमों का बोझ घटाना है।

प्रस्ताव में 237 अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, 391 सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और 272 सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर के न्यायालय शामिल हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, किसी जिले में कितने न्यायालय खुलेंगे, यह वहाँ लंबित मामलों के आधार पर तय होगा। प्रदेश की जिला अदालतों में 1.20 करोड़ से अधिक वाद लंबित बताए गए हैं।

सरकार ने नए न्यायालयों और संबंधित पदों पर लगभग 693.60 करोड़ रुपये का सालाना खर्च तथा 8.72 करोड़ रुपये का एकबारगी व्यय प्रस्तावित किया है। पदों की भर्ती मौजूदा रिक्तियों को भरने और जरूरी भवन व अन्य सुविधाएँ उपलब्ध होने के बाद होगी। कैबिनेट की मंजूरी के साथ सभी न्यायालय तत्काल चालू या भर्ती शुरू होने का दावा सही नहीं होगा; जिलेवार स्थान और समय-सारिणी आगे तय होगी।