यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत पेंशन पाने वालों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने का नया मोबाइल विकल्प शुरू हुआ है। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) की 30 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार, UPS पेंशनधारकों को हर साल 30 नवंबर तक अपना जीवन प्रमाण-पत्र देना होगा। इसके लिए Aadhaar आधारित प्रमाणीकरण वाला “UPS Jeewan Setu” विकल्प NPS by Protean eGov मोबाइल ऐप में उपलब्ध कराया गया है।
यह सुविधा किनके लिए है
यह प्रक्रिया UPS के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वाले लोगों के लिए है। इसे सभी NPS खाताधारकों, EPFO पेंशनधारकों या हर सरकारी पेंशन योजना पर लागू न समझें। अधिसूचना UPS पेंशनधारकों के वार्षिक Digital Life Certificate (DLC) और उसकी समय-सीमा की बात करती है। यदि किसी व्यक्ति को यह स्पष्ट न हो कि उसका भुगतान UPS से है या किसी दूसरी योजना से, तो प्रमाण-पत्र जमा करने से पहले अपने पेंशन भुगतान प्राधिकरण या संबंधित कार्यालय से योजना की पुष्टि करना उपयोगी होगा।
ऐप से प्रमाण-पत्र कैसे बनाएं
निर्धारित प्रक्रिया में पेंशनधारक NPS, UPS और APY मोबाइल ऐप खोलकर होम स्क्रीन पर “UPS Jeewan Setu – Digital Life Certificate” विकल्प चुनते हैं। इसके बाद PRAN और जन्मतिथि दर्ज कर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आया OTP भरना होता है। अगला चरण Aadhaar चुनकर उसका नंबर दर्ज करना और “Continue with Aadhaar” के जरिए प्रमाणीकरण पूरा करना है। फिर Face Authentication विकल्प से चेहरा सत्यापित किया जाता है। प्रक्रिया सफल होने पर ऐप जीवन प्रमाण-पत्र बनने का संदेश दिखाता है; उपयोगकर्ता को यह पुष्टि स्क्रीन देखकर प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
प्रमाणीकरण से पहले ऐप में दर्ज PRAN, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर सही होने की जांच करें। OTP किसी के साथ साझा न करें। Aadhaar प्रमाणीकरण में समस्या आए या ऐप प्रमाण-पत्र बनने की पुष्टि न करे, तो केवल प्रयास पूरा मानकर न छोड़ें; स्थिति की जांच करें और अपने नोडल कार्यालय या पेंशन सेवा प्रदाता से संपर्क करें।
30 नवंबर की तारीख क्यों ध्यान रखें
प्राधिकरण ने UPS पेंशनधारकों के लिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करना वार्षिक अनुपालन बताया है और हर साल 30 नवंबर की समय-सीमा तय की है। अधिसूचना कहती है कि समय पर प्रमाण-पत्र देने से मासिक सुनिश्चित भुगतान जारी रखने की प्रक्रिया में मदद मिलती है। इसलिए आखिरी दिन तक इंतजार करने के बजाय प्रमाणीकरण और सफल जमा होने की पुष्टि पहले कर लेना बेहतर है।
यह डिजिटल सुविधा जमा करने का एक नया माध्यम है; अधिसूचना में इसे पुरानी सभी प्रक्रियाओं का विकल्प घोषित नहीं किया गया है। डिजिटल प्रमाणीकरण न हो पाने पर UPS पेंशनधारक अपने नोडल कार्यालय से पूछें कि उनके मामले में कौन-सा वैकल्पिक तरीका स्वीकार्य है। प्रमाण-पत्र बनाने के बाद ऐप का सफल संदेश या उपलब्ध रसीद संभालकर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर जमा करने का रिकॉर्ड दिखाया जा सके।


