H-1B 60 दिन ग्रेस पीरियड समाप्त करने के लिए अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने प्रस्तावित नियम का औपचारिक मसौदा जारी किया है। यह बदलाव अभी लागू नहीं हुआ है। मौजूदा व्यवस्था के तहत कुछ रोजगार आधारित गैर-आप्रवासी वीजा धारकों को नौकरी खत्म होने के बाद अधिकतम 60 दिन या उनके अधिकृत प्रवास की शेष अवधि में से जो पहले समाप्त हो, उतना समय मिल सकता है। प्रस्ताव अंतिम नियम बनने तक यही व्यवस्था जारी रहेगी।
H-1B 60 दिन ग्रेस पीरियड: अमेरिकी प्रस्ताव में क्या बदलने की तैयारी
गृह सुरक्षा विभाग और अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा ने 8 CFR 214.1(l)(2) में मौजूद विवेकाधीन राहत प्रावधान हटाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रावधान के कारण पात्र कर्मचारी अपनी नौकरी खत्म होने के बाद सीमित अवधि में नया प्रायोजक खोज सकते हैं, दूसरी वैध आव्रजन श्रेणी के लिए आवेदन कर सकते हैं या अमेरिका से जाने की तैयारी कर सकते हैं।
मसौदे का शीर्षक “Eliminating the Discretionary 60-day Grace Period” है और इसकी नियामक पहचान RIN 1615-AD22 है। विभाग का कहना है कि बदलाव से किसी व्यक्ति की गैर-आप्रवासी स्थिति और उस रोजगार या गतिविधि के बीच सीधा संबंध फिर स्थापित होगा, जिसके आधार पर उसे अमेरिका में प्रवेश या रहने की अनुमति मिली थी। विभाग ने प्रशासनिक बोझ कम करने को भी प्रस्ताव का एक उद्देश्य बताया है।
किन वीजा श्रेणियों पर असर पड़ सकता है
मौजूदा 60 दिन वाला प्रावधान केवल H-1B तक सीमित नहीं है। यह E-1, E-2, E-3, H-1B, H-1B1, L-1, O-1 और TN जैसी रोजगार आधारित श्रेणियों के कुछ पात्र कर्मचारियों तथा उनके आश्रित परिवार सदस्यों को भी कवर करता है। यदि प्रस्ताव इसी रूप में अंतिम बनता है तो इन श्रेणियों में नौकरी तय अवधि से पहले समाप्त होने पर वर्तमान राहत उपलब्ध नहीं रहेगी।
किसी कर्मचारी के अधिकृत प्रवास की अंतिम तारीख यदि 60 दिन से पहले आती है तो वर्तमान नियम में भी राहत उसी पहले वाली तारीख पर समाप्त हो जाती है। इसलिए हर व्यक्ति को स्वतः पूरे 60 दिन नहीं मिलते। यह राहत विवेकाधीन है और आव्रजन अधिकारी मामले की परिस्थितियों के आधार पर इसकी अवधि घटा सकते हैं या इसे अस्वीकार कर सकते हैं।
अभी नियम नहीं बदला, सार्वजनिक टिप्पणियां ली जाएंगी
यह दस्तावेज प्रस्तावित नियम की सूचना है, अंतिम नियम नहीं। मसौदा संघीय रजिस्टर की सार्वजनिक निरीक्षण प्रणाली में रखा गया है। आधिकारिक प्रकाशन के बाद लोगों, कंपनियों, वकीलों और संगठनों को 60 दिन के भीतर लिखित टिप्पणियां देने का अवसर मिलेगा। टिप्पणियों के लिए DHS Docket No. USCIS-2026-0364 तय किया गया है।
टिप्पणी अवधि के बाद विभाग प्राप्त प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करेगा। वह प्रस्ताव में बदलाव कर सकता है, उसे वापस ले सकता है या अंतिम नियम जारी कर सकता है। अंतिम नियम में अलग प्रभावी तारीख दी जाएगी। इसलिए नौकरी गंवाने वाले H-1B कर्मचारियों के लिए 60 दिन की मौजूदा राहत इस प्रस्ताव के प्रकाशित होते ही समाप्त नहीं होती।
भारतीय पेशेवरों के लिए क्यों अहम
भारतीय पेशेवर H-1B कार्यक्रम का सबसे बड़ा समूह हैं। अमेरिकी सरकारी आंकड़ों पर आधारित वित्त वर्ष 2024 के विवरण में स्वीकृत H-1B याचिकाओं का लगभग 71 प्रतिशत भारत में जन्मे कर्मचारियों से जुड़ा बताया गया था। इस कारण ग्रेस पीरियड में कोई बदलाव भारतीय तकनीकी कर्मचारियों, उनके परिवारों और उन्हें नियुक्त करने वाली कंपनियों पर व्यापक असर डाल सकता है।
H-1B 60 दिन ग्रेस पीरियड की मौजूदा व्यवस्था अचानक नौकरी समाप्त होने पर कर्मचारी को सीमित समय देती है। इस दौरान नया नियोक्ता याचिका दाखिल कर सकता है, कर्मचारी किसी दूसरी पात्र स्थिति के लिए आवेदन कर सकता है या देश छोड़ने की व्यवस्था कर सकता है। प्रस्ताव अंतिम होने पर इन कदमों के लिए उपलब्ध समय बहुत कम हो सकता है और कर्मचारी की वैध स्थिति रोजगार समाप्त होते ही प्रभावित होने का खतरा बढ़ेगा।
2017 में लागू हुई थी मौजूदा राहत
H-1B 60 दिन ग्रेस पीरियड जनवरी 2017 से प्रभावी व्यापक नियम का हिस्सा है। नौकरी समाप्त होने के बाद अधिकतम 60 दिन की यह विवेकाधीन अवधि उससे पहले सामान्य नियामक राहत के रूप में उपलब्ध नहीं थी। उससे पहले संबंधित गैर-आप्रवासी श्रेणियों में रोजगार खत्म होने पर ऐसी सामान्य नियामक राहत उपलब्ध नहीं थी। नए प्रस्ताव में विभाग ने उसी पुरानी नीति पर लौटने की बात कही है।
विभाग का तर्क है कि मौजूदा अवधि रोजगार आधारित स्थिति को नौकरी खत्म होने के बाद भी कुछ समय तक बनाए रखने जैसी स्थिति बनाती है। दूसरी ओर, कर्मचारी संगठनों और आव्रजन विशेषज्ञों की चिंता है कि अचानक छंटनी, कंपनी बंद होने या परियोजना समाप्त होने पर बिना समय दिए स्थिति खत्म करना परिवारों और नियोक्ताओं दोनों के लिए अनिश्चितता बढ़ा सकता है। ये पक्ष सार्वजनिक टिप्पणी प्रक्रिया में दर्ज किए जा सकेंगे।
प्रस्ताव और अंतिम नियम में फर्क समझना जरूरी
नियामक समीक्षा पूरी होना या मसौदा सार्वजनिक होना अपने आप कानून में बदलाव नहीं करता। एजेंसी को नोटिस, सार्वजनिक टिप्पणियों की समीक्षा और अंतिम नियम की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अदालत में चुनौती की संभावना भी बनी रह सकती है। इसलिए किसी कर्मचारी को केवल खबर के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि मौजूदा 60 दिन की अवधि समाप्त हो चुकी है।
H-1B 60 दिन ग्रेस पीरियड से जुड़ा असर व्यक्ति की वीजा श्रेणी, I-94 पर दर्ज अंतिम तारीख, रोजगार समाप्त होने की तारीख और दाखिल आवेदनों पर निर्भर कर सकता है। प्रस्ताव का अगला महत्वपूर्ण चरण संघीय रजिस्टर में औपचारिक प्रकाशन और 60 दिन की टिप्पणी अवधि है। अंतिम नियम और उसकी प्रभावी तारीख जारी होने तक वर्तमान नियम लागू रहेगा।


