Vellore Church Roof Collapse (वेल्लोर चर्च हादसा): तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में काडपाडी के पास मंडई कृष्णापुरम इलाके में गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को निर्माणाधीन चर्च की छत और उसे सहारा दे रहा स्टील ढांचा ढह गया। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हुए। घटना उस समय हुई जब श्रमिक छत के लिए कंक्रीट डालने का काम कर रहे थे। अचानक करीब 20 फीट ऊंचा मचान और सपोर्ट फ्रेमवर्क टूटकर नीचे आ गया और काम कर रहे लोग मलबे में दब गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन दल और अरक्कोनम से पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया। मलबे के बीच फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए देर रात तक तलाशी जारी रही और डॉग स्क्वॉड की मदद भी ली गई।
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Vellore Church Roof Collapse में कैसे ढहा सहारा ढांचा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चर्च ऑफ साउथ इंडिया की इमारत कई महीनों से निर्माणाधीन थी। गुरुवार दोपहर श्रमिक छत डालने की तैयारी के तहत कंक्रीट का काम कर रहे थे। छत को संभालने के लिए स्टील का मचान और सपोर्ट फ्रेमवर्क लगाया गया था। इसी दौरान पूरा ढांचा असंतुलित होकर गिर गया। भारी कंक्रीट स्लैब, लोहे की छड़ें और मचान नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरे।
घटनास्थल पर बिखरे लोहे और कंक्रीट के कारण बचाव दल को सावधानी से काम करना पड़ा। बड़े हिस्सों को हटाने के लिए उपकरणों का उपयोग किया गया, जबकि संकरे स्थानों में कर्मियों ने हाथ से मलबा हटाया। बचाव दल की पहली प्राथमिकता अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना और किसी भी जीवित व्यक्ति को जल्द अस्पताल भेजना रही।
तीन अस्पतालों में पहुंचाए गए घायल
Vellore Church Roof Collapse में घायल मजदूरों को वेल्लोर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज अस्पताल और आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल पहुंचाए गए आठ घायलों की हालत स्थिर बताई गई। बाकी घायलों का भी चिकित्सकीय परीक्षण और इलाज किया गया। हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के शव मलबे से निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजे गए।
मंडई कृष्णापुरम तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश सीमा के पास स्थित है। इसी कारण वेल्लोर के साथ आसपास के क्षेत्रों के चिकित्सा और बचाव संसाधनों का भी उपयोग किया गया। एम्बुलेंस को घटनास्थल के करीब तैनात रखा गया, ताकि निकाले गए लोगों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके।
एनडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने संभाला मोर्चा
Vellore Church Roof Collapse की सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके को घेरकर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की। दमकल कर्मियों ने मलबे तक सुरक्षित रास्ता बनाया और एनडीआरएफ के विशेषज्ञों ने यह जांची कि ढांचे का कोई और हिस्सा बचावकर्मियों पर न गिरे। निर्माण स्थल पर रोशनी की व्यवस्था कर रात में भी अभियान जारी रखा गया।
जिला कलेक्टर ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। प्रशासन ने अस्पतालों से घायलों की स्थिति पर लगातार रिपोर्ट लेने और उनके इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्य दर्ज कर जांच शुरू की है।
निर्माण अनुमति और सुरक्षा इंतजामों की होगी जांच
Vellore Church Roof Collapse किस तकनीकी या प्रबंधकीय कारण से हुआ, इसका अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच के लिए समिति बनाने की बात कही है। जांच में यह देखा जाएगा कि निर्माण के लिए जरूरी अनुमति और भवन परमिट लिए गए थे या नहीं, छत डालने से पहले सपोर्ट फ्रेमवर्क की क्षमता की जांच हुई थी या नहीं और काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया गया।
निर्माण स्थल पर मौजूद सामग्री, मचान की बनावट और कंक्रीट डालने की प्रक्रिया का तकनीकी परीक्षण भी कारण स्पष्ट करने में अहम होगा। पुलिस को घटनाक्रम और जिम्मेदारी तय करने के लिए अलग से जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था को जिम्मेदार ठहराने की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
हादसे ने फिर उठाए निर्माण सुरक्षा के सवाल
ऊंचाई पर छत डालते समय मचान और शटरिंग पर गीले कंक्रीट का भारी दबाव पड़ता है। इस तरह के काम में सपोर्ट का सही डिजाइन, भार का समान वितरण, सामग्री की गुणवत्ता और काम शुरू होने से पहले निरीक्षण जरूरी होता है। वेल्लोर की घटना ने निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा, आपात निकास और निगरानी व्यवस्था को लेकर फिर चिंता बढ़ा दी है।
प्रशासन की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वेल्लोर चर्च हादसा किसी तकनीकी खामी, कमजोर सपोर्ट, प्रक्रिया में चूक या अन्य कारण से हुआ। फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों के उपचार और जांच के लिए घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने पर है। देश की आवाज़ की अन्य खबरें भी पढ़ी जा सकती हैं।
