दिल्ली हाई कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट को 14 सितंबर के विश्व चैंपियनशिप चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए पात्रता नियमों से अंतरिम छूट देने से इनकार किया है। 10 सितंबर को आए आदेश का असर आगामी ट्रायल पर पड़ेगा। हालांकि, चयन नीति और मातृत्व के बाद खेल में वापसी से जुड़ा मुख्य मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है।
किस ट्रायल के लिए मांगी थी राहत
विनेश ने भारतीय कुश्ती महासंघ के सात सितंबर के सर्कुलर को चुनौती दी थी। इसमें दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले महिला चयन ट्रायल की पात्रता तय की गई है। संबंधित सीनियर विश्व चैंपियनशिप कजाखस्तान के अस्ताना में 24 अक्टूबर से एक नवंबर तक होनी है।
अदालत ने नियमों में छूट क्यों नहीं दी
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने अंतरिम स्तर पर एक खिलाड़ी के लिए पात्रता में विशेष छूट देने से असहमति जताई। अदालत का विचार था कि नीति की वैधता तय होने से पहले ऐसा करने पर समान स्थिति वाले अन्य खिलाड़ियों के साथ असमान व्यवहार का प्रश्न उठ सकता है।
मातृत्व संबंधी प्रश्न पर सुनवाई बाकी
विनेश का मामला गर्भावस्था, प्रसव और उसके बाद स्वास्थ्य लाभ के कारण निर्धारित प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाने से जुड़ा है। मुख्य याचिका में प्रतिस्पर्धी खेलों में लौटने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए मातृत्व-संवेदनशील व्यवस्था की मांग है। आगे की दलीलों के लिए 29 सितंबर की तारीख रखी गई है।
अदालत ने सर्कुलर की वैधता या लंबित अनुशासनात्मक नोटिसों पर अंतिम फैसला नहीं दिया है। इसलिए अंतरिम आवेदन का खारिज होना मुख्य याचिका का अंतिम निपटारा नहीं है। अन्य अपडेट खेल समाचार अनुभाग में पढ़ें।

