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मेघालय में अफ्रीकन स्वाइन फीवर से हजारों सूअरों की मौत का दावा, किसानों ने मुआवजा मांगा

शिलांग: मेघालय में अफ्रीकन स्वाइन फीवर से बड़े पैमाने पर सूअरों की मौत के बीच पिगरी किसानों ने गुरुवार को शिलांग में रैली निकालकर मुआवजा, ऋण राहत और राज्य की सीमाओं पर पशु स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की मांग की। प्रदर्शन का आयोजन हिल फार्मर्स यूनियन ने किया।

1,200 से अधिक परिवार प्रभावित होने का दावा

मीडिया के अनुसार, यूनियन ने कहा कि संकट से राज्य के 1,200 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। कई लाभार्थियों ने पिगरी मिशन के तहत ब्याज-मुक्त ऋण लेकर पशुपालन शुरू किया था और पशुओं की मौत के बाद उन्हें किश्त चुकाने में कठिनाई हो रही है। संगठन ने ऐसे ऋणों को माफ करने और निजी ऋण लेकर सूअर पालन करने वाले किसानों को भी मुआवजा देने की मांग रखी।

मीडिया ने किसानों के हवाले से राज्य में हजारों सूअरों की मौत का दावा प्रकाशित किया है। यह संख्या किसान संगठन का आकलन है; इस प्रदर्शन के संबंध में सरकार की ओर से कोई नया समेकित मृत्यु आँकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है। यूनियन ने आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले सूअरों की पर्याप्त जांच नहीं होने से संक्रमण का जोखिम बढ़ा।

चेकपोस्ट और क्वारंटीन सुविधा की मांग

किसानों ने जोराबाट सहित प्रवेश मार्गों पर जांच केंद्र और क्वारंटीन सुविधा बनाने, पशुधन बीमा के बारे में जागरूकता बढ़ाने और प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता देने को कहा। यूनियन ने वर्ष 2023 की मानक संचालन प्रक्रिया लागू कराने की मांग भी दोहराई।

मेघालय सरकार के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग ने जून में जारी अधिसूचना में संक्रमित परिसरों के एक किलोमीटर दायरे को ‘संक्रमित क्षेत्र’ और दस किलोमीटर दायरे को ‘निगरानी क्षेत्र’ घोषित करने की व्यवस्था बताई थी। विभाग ने किसानों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय निकायों से जैव-सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सहयोग देने की अपील की थी।

अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों में फैलने वाली गंभीर वायरल बीमारी है। इसका मनुष्यों में संक्रमण नहीं माना जाता, लेकिन यह पशुपालन और ग्रामीण आजीविका को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा सकती है।