नई दिल्ली, 13 सितंबर 2026: भारत से रत्न और आभूषण का निर्यात अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 3.14 प्रतिशत बढ़कर 2.30 अरब डॉलर, यानी करीब 21,945.87 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी महीने में यह 2.23 अरब डॉलर था। कुल निर्यात में मामूली बढ़त के पीछे जड़ाऊ सोने के गहनों और दूसरे तैयार उत्पादों की तेज मांग रही, जबकि सादे सोने के गहनों तथा कटे-पॉलिश किए हीरों का प्रदर्शन कमजोर रहा।
जड़ाऊ गहनों की मांग में तेज उछाल
अगस्त में सोने के गहनों का कुल निर्यात 11.81 प्रतिशत बढ़कर 99.98 करोड़ डॉलर पहुँचा। इसके भीतर जड़ाऊ सोने के गहनों का निर्यात 51.22 प्रतिशत उछलकर 64.29 करोड़ डॉलर रहा। इसके उलट सादे सोने के गहनों का निर्यात 23.90 प्रतिशत घटकर 35.70 करोड़ डॉलर पर आ गया। ऊँची सोने की कीमतों और निर्यातकों को शुल्क-मुक्त सोने की सीमित उपलब्धता ने सादे गहनों की लागत पर दबाव डाला। अमेरिका, हांगकांग, सिंगापुर, ब्रिटेन और फ्रांस सोने के गहनों के प्रमुख बाजार रहे।
हीरे और चाँदी में अलग तस्वीर
कटे और पॉलिश किए हीरों का निर्यात मूल्य के लिहाज से 4.93 प्रतिशत घटकर 92.45 करोड़ डॉलर रहा। हालांकि, मात्रा 3.23 प्रतिशत बढ़कर 13.36 लाख कैरेट पहुँची। इसका अर्थ है कि अधिक कैरेट भेजे जाने के बावजूद कुल डॉलर मूल्य में गिरावट दर्ज हुई। चाँदी के गहनों का निर्यात भी 39.66 प्रतिशत गिरकर 8.67 करोड़ डॉलर रहा।
दूसरी ओर, पॉलिश किए लैब-ग्रोन हीरों का निर्यात 28.45 प्रतिशत बढ़कर 12.52 करोड़ डॉलर और रंगीन रत्नों का निर्यात 34.40 प्रतिशत बढ़कर 4.91 करोड़ डॉलर हो गया। ये आँकड़े दिखाते हैं कि अगस्त की बढ़त सभी उत्पादों में एक जैसी नहीं थी; तैयार और अधिक मूल्यवर्धित गहनों ने कुल निर्यात को ऊपर रखा।
यह अगस्त का मासिक निर्यात विवरण है, आज के सोने-चाँदी के खुदरा भाव या शेयर बाजार की चाल का आँकड़ा नहीं। रविवार को घरेलू शेयर बाजार बंद है; इसलिए इसे किसी कंपनी के आज के शेयर प्रदर्शन से नहीं जोड़ना चाहिए।

