नई दिल्ली, 15 सितंबर। अगस्त में घरेलू खर्च पर कीमतों का दबाव जुलाई के मुकाबले बढ़ा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के 14 सितंबर को जारी आँकड़ों में खुदरा महंगाई की सालाना दर 4.82 प्रतिशत रही। जुलाई का अंतिम आँकड़ा 4.45 प्रतिशत था। इस तरह दोनों महीनों की वार्षिक दरों में 0.37 प्रतिशत अंक का अंतर है।
खाने-पीने की लागत में अधिक बढ़ोतरी
उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक के अनुसार खाद्य महंगाई जुलाई के 5.52 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 5.95 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 6.13 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 5.64 प्रतिशत दर्ज की गई। सामान्य खुदरा महंगाई भी गाँवों में अधिक थी—ग्रामीण दर 5.23 प्रतिशत और शहरी दर 4.31 प्रतिशत रही।
ये आँकड़े पिछले वर्ष के उसी महीने से कीमतों की तुलना करते हैं। इसलिए 4.82 प्रतिशत की दर को जुलाई से अगस्त के बीच हर वस्तु के दाम में इतनी बढ़ोतरी समझना सही नहीं होगा। अलग-अलग वस्तुओं और परिवारों की खरीदारी के अनुसार खर्च का अनुभव अलग हो सकता है।
प्याज महंगा, टमाटर की कीमतें सालाना आधार पर नीचे
मंत्रालय की मदवार सूची में प्याज की सालाना मुद्रास्फीति 48.27 प्रतिशत, अदरक की 73.82 प्रतिशत और लहसुन की 43.60 प्रतिशत रही। दूसरी ओर टमाटर के लिए यह दर ऋणात्मक 31.09 प्रतिशत और आलू के लिए ऋणात्मक 13.14 प्रतिशत थी। अर्थात इन दोनों वस्तुओं की सूचकांक-आधारित कीमतें अगस्त 2025 के मुकाबले कम थीं। यह किसी खास मंडी का आज का भाव नहीं है।
अगस्त के आँकड़े अभी अनंतिम
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की इस शृंखला का आधार वर्ष 2024 है। अगस्त के सूचकांक और महंगाई दरें अनंतिम हैं; जुलाई के आँकड़े अंतिम हैं। मूल्य संग्रह के लिए 1,407 शहरी बाजार और 1,465 गाँव शामिल किए गए। मंत्रालय के अनुसार अगस्त में ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों की प्रतिक्रिया दर 100 प्रतिशत रही।
सितंबर के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आँकड़े 12 अक्टूबर को जारी किए जाने हैं। राज्य और वस्तु के विस्तृत आँकड़े मंत्रालय के ई-सांख्यिकी पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
थोक महंगाई 9.92 प्रतिशत, ईंधन समूह में तेज बढ़ोतरी
उसी दिन जारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की अलग रिपोर्ट में अगस्त की थोक महंगाई 9.92 प्रतिशत रही, जबकि जुलाई की अनंतिम दर 9.78 प्रतिशत थी। ईंधन और ऊर्जा समूह की सालाना दर 22.93 प्रतिशत तथा विनिर्मित उत्पादों की 8.37 प्रतिशत दर्ज की गई। प्राथमिक वस्तुओं की दर जुलाई के 8.52 प्रतिशत से घटकर 7.76 प्रतिशत रही।
थोक खाद्य सूचकांक की महंगाई 6.65 प्रतिशत से बढ़कर 7.05 प्रतिशत हुई। इसमें प्राथमिक खाद्य सामग्री के साथ विनिर्मित खाद्य उत्पाद भी शामिल हैं। इस सूचकांक की वस्तुएँ, भार और मूल्य संग्रह का स्तर उपभोक्ता सूचकांक से अलग है; दोनों दरों को जोड़कर घरेलू महंगाई का आँकड़ा निकालना सही नहीं होगा।
थोक सूचकांक का आधार वर्ष 2022-23 है। अगस्त का अनुमान 84.4 प्रतिशत भारित प्रतिक्रिया दर पर तैयार हुआ है और अभी अनंतिम है। जून की थोक महंगाई का अंतिम अनुमान 9.97 प्रतिशत किया गया है। सितंबर की थोक मूल्य रिपोर्ट 14 अक्टूबर को जारी होनी है।


