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पुरानी वेधशाला की पहेली: एक सच और तीन संदूक

पुरानी वेधशाला में लाल, नीले और पीले तीन बंद संदूक

किले की पुरानी वेधशाला में तीन बंद संदूक थे—लाल, नीला और पीला। आधी रात का घंटा पूरा बजने से पहले एक ही संदूक से पीतल की चाबी निकालनी थी। दरवाज़े पर लिखा था: “तीनों संदूकों पर लिखी बातों में केवल एक सच है।”

लाल संदूक पर लिखा था, “चाबी मेरे भीतर नहीं है।” नीले पर लिखा था, “चाबी लाल संदूक में है।” पीले पर लिखा था, “चाबी नीले संदूक में नहीं है।”

घंटे की पहली आवाज़ आ चुकी है। आप किस संदूक को खोलेंगे? तीनों दावों को परखकर उत्तर चुनिए।

उत्तर और तर्क देखें

नीला संदूक। अगर चाबी लाल में होती, तो नीले और पीले की बात सच होती—दो सच। अगर पीले में होती, तो लाल और पीले की बात सच होती—फिर दो सच। नीले में होने पर सिर्फ लाल संदूक की बात सच रहती है; बाकी दोनों गलत। इसलिए एक-सच वाली शर्त केवल नीले संदूक पर पूरी होती है।