देश की आवाज़ न्यूज डेस्क | शिलांग, 17 सितंबर 2026: मेघालय सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 138 MBBS सीटों की संयुक्त काउंसलिंग मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। यह कदम राज्य कोटे की MBBS-BDS आवंटन सूची वापस लिए जाने और मेरिट पर उठी आपत्तियों के बाद प्रवेश प्रक्रिया को एक स्पष्ट ढाँचे में रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
138 सीटें दो हिस्सों में शामिल
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार संयुक्त व्यवस्था में केंद्र पूल और राज्य को उपलब्ध अन्य कोटे की 96 MBBS सीटें तथा शिलांग मेडिकल कॉलेज की 42 राज्य कोटा सीटें शामिल हैं। काउंसलिंग का संचालन मेघालय स्टेट काउंसलिंग अथॉरिटी फॉर मेडिकल एजुकेशन (MSCAMA) करेगी। चयन NEET-UG 2026 की अखिल भारतीय रैंक से तैयार एक संयुक्त मेरिट सूची पर आधारित होगा।
चार राउंड में होगी काउंसलिंग
SOP में स्ट्रे वैकेंसी राउंड सहित चार काउंसलिंग राउंड का प्रावधान है। सीट मिलने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित समय में रिपोर्ट करना, मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना और प्रवेश की औपचारिकताएँ पूरी करनी होंगी। सीट छोड़ने, खाली सीटों, दिव्यांगता प्रमाणन और बराबर अंक की स्थिति में टाई-ब्रेक के नियम भी SOP में शामिल हैं।
सेवा-बॉन्ड का प्रावधान
राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित सीट पर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ बॉन्ड भरना होगा। राज्य कोटा से MBBS पूरा करने वाले स्नातकों के लिए लागू अनिवार्य चिकित्सा जनसेवा नीति के तहत सरकारी या मान्यता प्राप्त मिशन अस्पतालों में न्यूनतम पाँच वर्ष सेवा का प्रावधान बताया गया है। इसका क्रियान्वयन संबंधित नियमों और शर्तों के अधीन होगा।
हेल्प डेस्क और फर्जी सूचनाओं पर निगरानी
MSCAMA काउंसलिंग के दौरान नियंत्रण कक्ष, हेल्प डेस्क और शिकायत निवारण व्यवस्था चलाएगी। आधिकारिक नोटिस, FAQ, द्विभाषी सूचना सामग्री और निर्देशात्मक वीडियो जारी किए जाएंगे। सरकार ने फर्जी नोटिस, नकली वेबसाइट, पहचान की नकल और साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की सलाह दी है।
पहले वापस ली गई सूची का संदर्भ
राज्य कोटे की पहले जारी MBBS-BDS आवंटन सूची मेरिट क्रम पर आपत्ति के बाद वापस ली गई थी। नई SOP प्रक्रिया का ढाँचा बताती है, लेकिन किसी अभ्यर्थी के चयन की अंतिम पुष्टि केवल आधिकारिक आवंटन सूची और व्यक्तिगत रिपोर्टिंग प्रक्रिया से होगी। अभ्यर्थियों को पुरानी सूची या सोशल मीडिया संदेश के आधार पर भुगतान या दस्तावेज साझा नहीं करना चाहिए।