पूरा भारत · हिन्दी
▤   पूरा भारतदेश की आवाज़पूरी तस्वीरराष्ट्रीय संस्करण
⌖ पूरा भारत

असम के 76 हृदय रोगी बच्चों को मुफ्त इलाज के लिए देश के बड़े अस्पतालों में भेजा गया

गुवाहाटी, 17 सितंबर 2026: असम में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 76 बच्चों को विशेष उपचार के लिए देश के प्रमुख अस्पतालों में भेजा गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, असम से जुड़े इस अभियान में बच्चों के साथ एक-एक अभिभावक भी जाएगा और राज्य सरकार यात्रा, भोजन तथा अन्य जरूरी खर्च वहन करेगी।

बेंगलुरु और मुंबई सहित कई शहरों में इलाज

गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार चयनित बच्चों को बेंगलुरु, मुंबई और अन्य शहरों के विशेषज्ञ स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जा रहा है। बच्चों की पहचान राज्य के जन्मजात हृदय रोग उपचार कार्यक्रम के तहत की गई है। उद्देश्य यह है कि आर्थिक स्थिति के कारण किसी बच्चे का जरूरी ऑपरेशन या विशेष चिकित्सा न रुके।

2010 से चल रहा है कार्यक्रम

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम 1 जुलाई 2010 से चल रहा है। एक अधिकारी ने अब तक 14,726 मरीजों को मुफ्त उपचार मिलने का आंकड़ा दिया, जबकि दूसरे अधिकारी ने 14,500 से अधिक सफल उपचार बताए। दोनों बयान कार्यक्रम के व्यापक पैमाने की पुष्टि करते हैं, लेकिन कुल संख्या के लिए अधिक विशिष्ट 14,726 आंकड़ा संबंधित वरिष्ठ अधिकारी के बयान के रूप में ही पढ़ा जाना चाहिए।

परिवारों का खर्च सरकार उठाएगी

हर बच्चे के साथ एक अभिभावक को जाने की अनुमति होगी। सरकार ने यात्रा, भोजन और उपचार से जुड़े जरूरी खर्च वहन करने की बात कही है। परिवारों को अस्पताल, यात्रा तिथि, दस्तावेज और आगे की जाँच से संबंधित निर्देश आधिकारिक स्वास्थ्य अधिकारियों से मिलेंगे।

जन्मजात हृदय रोग में समय पर पहचान जरूरी

जन्मजात हृदय रोग बच्चे के जन्म के समय से मौजूद हृदय की संरचनात्मक समस्या होती है। तेज साँस, दूध पीने में कठिनाई, वजन न बढ़ना, बार-बार संक्रमण या त्वचा का नीला पड़ना जैसे संकेतों पर चिकित्सकीय जाँच जरूरी हो सकती है। ऐसे लक्षणों का अर्थ अपने-आप हृदय रोग नहीं है; अंतिम निदान विशेषज्ञ जाँच से ही होता है।

लाभ लेने के लिए केवल आधिकारिक माध्यम अपनाएँ

परिवारों को किसी बिचौलिये को पैसे देने या अपुष्ट लिंक पर निजी दस्तावेज भेजने से बचना चाहिए। पात्रता, रेफरल और यात्रा सहायता के लिए जिला स्वास्थ्य कार्यालय, सरकारी अस्पताल या NHM Assam के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना सुरक्षित है। कार्यक्रम जारी रहने की बात कही गई है, इसलिए दूसरे पात्र बच्चों के परिवार भी अपने स्थानीय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से जानकारी ले सकते हैं।