हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एचआरटीसी के अनुबंध कंडक्टर सुनील कुमार की बर्खास्तगी रद्द कर उन्हें बिना सेवा ब्रेक के लगातार सेवा में मानने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि सहकर्मियों के निजी व्हाट्सएप समूह में विचार रखना, अपने आप में, निगम की सार्वजनिक आलोचना या बर्खास्तगी का पर्याप्त आधार नहीं बनता।
मामले में कंडक्टर ने 4 सितंबर 2023 को “हिमाचल परिचालक एकता” नाम के निजी समूह में दो संदेश भेजे थे। एचआरटीसी ने सोशल मीडिया संबंधी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया और 10 अक्टूबर 2023 को सेवा समाप्त कर दी।
हाईकोर्ट ने पाया कि संदेश निजी समूह में साझा किए गए थे और निगम ने उनकी विषयवस्तु या यह बात ठीक से नहीं परखी कि वे किसी नीति की आलोचना थे या नहीं। अदालत ने यह भी कहा कि कारण बताओ नोटिस में जवाब पर विचार से पहले ही कर्मचारी को सेवा के लिए अनुपयुक्त बता दिया गया था, जिससे सुनवाई निष्पक्ष रूप से नहीं हुई।
16 सितंबर के फैसले में बर्खास्तगी आदेश निरस्त कर याचिकाकर्ता को सेवा में निरंतर मानने और कानून के अनुसार परिणामी सेवा लाभ देने के निर्देश दिए गए। आदेश विशिष्ट मामले के तथ्यों और एचआरटीसी के लागू सेवा नियमों पर आधारित है।
