चीनी का इस्तेमाल करने वाले बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को भंडारण में अतिरिक्त गुंजाइश मिली है। केंद्र सरकार की 18 सितंबर 2026 की घोषणा के अनुसार, वे अब अपनी 30 दिन की खपत के बराबर चीनी रख सकेंगे। हालांकि, खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के लिए सीमा 15 दिन की खपत ही रहेगी।
अतिरिक्त 15 दिन का भंडार केवल अग्रिम प्राधिकरण योजना यानी AAS और टैरिफ रेट कोटा यानी TRQ के तहत आयातित चीनी से बनाया जा सकेगा। इसलिए इसे घरेलू बाजार से खरीद की सीमा दोगुनी होने के तौर पर नहीं समझना चाहिए।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अनुसार, संबंधित थोक उपभोक्ताओं को हर शुक्रवार अपने स्टॉक की जानकारी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर देनी होगी। त्योहारों से पहले उद्योगों की आपूर्ति संबंधी मांग पर यह व्यवस्था की गई है।
मंत्रालय ने खुदरा चीनी कीमतों में लगभग दस प्रतिशत कमी का उल्लेख करते हुए व्यापारियों से मिल स्तर पर हुई गिरावट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने को भी कहा है। यह मंत्रालय का आकलन है; स्थानीय बाजार का वास्तविक भाव अलग हो सकता है।

