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जेएसडब्ल्यू सीमेंट को ₹229.85 करोड़ की GST मांग का नोटिस, जवाब तैयार कर रही कंपनी

जेएसडब्ल्यू सीमेंट की खबर के लिए सीमेंट संयंत्र और कर दस्तावेजों का सांकेतिक चित्र

जेएसडब्ल्यू सीमेंट को ₹229.85 करोड़ की प्रस्तावित जीएसटी मांग से जुड़ा कारण बताओ नोटिस मिला है। कंपनी ने 24 सितंबर 2026 को एक्सचेंजों को बताया कि बेलगावी ऑडिट कमिश्नरेट के अतिरिक्त आयुक्त, केंद्रीय कर ने यह नोटिस भेजा है। मामला अप्रैल 2022 से मार्च 2024 की अवधि में कथित गलत वर्गीकरण के कारण कम कर भुगतान से जुड़ा है।

कंपनी के मुताबिक, वह मामले में जवाब दाखिल करने की प्रक्रिया में है। नोटिस में प्रस्तावित कर के अलावा लागू ब्याज और 10% जुर्माने का उल्लेख है। इसे अंतिम रूप से वसूल की जा चुकी रकम या कंपनी पर आरोप साबित होने की घोषणा समझना सही नहीं होगा।

जेएसडब्ल्यू सीमेंट को मिली मांग में क्या शामिल है?

मद प्रस्तावित राशि
आईजीएसटी ₹121,75,53,219
सीजीएसटी ₹54,04,91,702
एसजीएसटी ₹54,04,91,702
कुल प्रस्तावित जीएसटी ₹229,85,36,623

कुल कर राशि लगभग ₹229.85 करोड़ बैठती है। ब्याज और प्रस्तावित जुर्माना इस तालिका की कुल कर राशि में शामिल नहीं हैं। ब्याज की अंतिम रुपये में रकम कंपनी की इस सूचना में नहीं बताई गई है, इसलिए सभी मदों को जोड़कर कोई निश्चित अंतिम देनदारी बताना अभी संभव नहीं है।

दो वित्त वर्षों की अवधि से जुड़ा मामला

कंपनी के खुलासे के अनुसार, नोटिस में सीजीएसटी अधिनियम की धारा 9, 37 और 39 के प्रावधानों के कथित उल्लंघन का उल्लेख है। मांग धारा 73 के अंतर्गत प्रस्तावित है और लागू ब्याज के लिए धारा 50 का संदर्भ दिया गया है। यहाँ आरोप की स्थिति महत्वपूर्ण है: उपलब्ध सूचना कर विभाग द्वारा उठाए गए प्रश्नों और प्रस्तावित मांग का विवरण देती है।

अप्रैल 2022 से मार्च 2024 तक की अवधि में वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 आते हैं। हालांकि सूचना में गलत वर्गीकरण का आरोप बताया गया है, किस खास उत्पाद या लेनदेन के वर्गीकरण पर विवाद है, उसका विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया। कंपनी की ओर से दाखिल होने वाले जवाब के तर्क भी अभी इस पत्र का हिस्सा नहीं हैं।

कंपनी का जवाब और आगे की स्थिति

जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने कहा है कि वित्तीय प्रभाव नोटिस में प्रस्तावित कर, जुर्माने और ब्याज की सीमा तक है, लेकिन कंपनी पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं है। यह कंपनी का आकलन है। इसे कर मांग खत्म हो जाने या विभाग की प्रक्रिया पूरी हो जाने का संकेत नहीं माना जा सकता।

अगला चरण कंपनी का जवाब और उसके बाद की आधिकारिक कार्यवाही होगी। 24 सितंबर की सूचना में भुगतान कर देने, मामला निपट जाने या अंतिम आदेश जारी होने की पुष्टि नहीं की गई है। अभी पुष्ट घटनाक्रम कारण बताओ नोटिस मिलने और जवाब तैयार होने तक सीमित है। आगे की घोषणा से ही वास्तविक देनदारी और मामले की दिशा अधिक स्पष्ट होगी।