CIE Automotive India की अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई CIE Aluminium Casting India को मूल कंपनी में मिलाने की योजना अगले प्रक्रियागत चरण में पहुंच गई है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण की मुंबई पीठ ने 24 सितंबर के आदेश में बैठकों से छूट और संबंधित पक्षों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं। यह विलय योजना को अंतिम मंजूरी देने या विलय पूरा होने की घोषणा नहीं है।
कंपनी ने 25 सितंबर को एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी। उसने बताया कि आदेश की प्रति न्यायाधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध हो गई है, जबकि प्रमाणित प्रति का इंतजार है। शेयरधारकों के लिए इस घटनाक्रम का मुख्य महत्व नोटिस मिलने के बाद अपनी बात रखने की प्रक्रिया और प्रस्तावित पूंजी संरचना को समझने में है।
CIE Automotive के शेयरधारकों को क्या बदलना है?
प्रस्तावित व्यवस्था में मूल कंपनी के नए शेयर जारी करने की योजना नहीं है। जिस इकाई का विलय होना है, वह पहले से CIE Automotive की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। योजना प्रभावी होने पर सहायक कंपनी की जारी और चुकता पूंजी रद्द होगी। उसके बदले मूल कंपनी के शेयरों का आवंटन नहीं किया जाएगा।
आदेश में दर्ज योजना के अनुसार, मूल कंपनी के शेयरधारकों की हिस्सेदारी और पूंजी संरचना अपरिवर्तित रहेगी। इसलिए इस घटनाक्रम को मौजूदा निवेशकों को अतिरिक्त शेयर मिलने की घोषणा के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए। विलय प्रभावी होने और वर्तमान प्रक्रियागत आदेश के बीच का अंतर भी महत्वपूर्ण है।
नोटिस मिलने से शुरू होगी 30 दिन की अवधि
न्यायाधिकरण ने मूल कंपनी के इक्विटी शेयरधारकों की बैठक से छूट देते हुए उन्हें नोटिस भेजने का निर्देश दिया है। शेयरधारक नोटिस प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन के भीतर अपनी आपत्ति या सुझाव न्यायाधिकरण को दे सकते हैं। उसकी प्रति संबंधित आवेदक कंपनी को भी एक साथ भेजनी होगी। यह अवधि आदेश या समाचार प्रकाशित होने की तारीख से अपने आप शुरू नहीं मानी गई है।
दोनों कंपनियों के असुरक्षित लेनदारों को भी नोटिस और अभ्यावेदन का अवसर दिया जाएगा। संबंधित सरकारी विभागों, शेयर बाजारों, सेबी, प्रतिस्पर्धा आयोग और अन्य लागू प्राधिकरणों को योजना भेजने के निर्देश हैं। नोटिस की सेवा के बाद अनुपालन संबंधी रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया भी निर्धारित है।
योजना की तारीख और कारोबारी उद्देश्य
| प्रमुख चरण | विवरण |
|---|---|
| बोर्ड की मंजूरी | 23 अप्रैल 2026 |
| योजना की निर्धारित आधार तारीख | 1 अप्रैल 2026 |
| न्यायाधिकरण का प्रक्रियागत आदेश | 24 सितंबर 2026 |
| एक्सचेंज को ताजा सूचना | 25 सितंबर 2026 |
एक अप्रैल की निर्धारित आधार तारीख को विलय पूरा होने की तारीख नहीं समझना चाहिए। सहायक कंपनी वाहन उद्योग के लिए एल्युमिनियम डाई-कास्टिंग सहित पुर्जे बनाती है। मूल कंपनी ने अप्रैल 2019 में उसके सभी शेयरों का अधिग्रहण पूरा किया था। अब दोनों कारोबारों को एक कानूनी इकाई के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है।
कंपनियों ने उत्पादन क्षमता के समन्वय, ग्राहकों को अधिक तरह के पुर्जे उपलब्ध कराने और प्रशासनिक कामों के दोहराव को घटाने जैसे संभावित लाभ बताए हैं। ये योजना के कारोबारी उद्देश्य हैं; लागत बचत या अतिरिक्त मुनाफे की सुनिश्चित रकम घोषित नहीं हुई है। आगे योजना की अंतिम मंजूरी और प्रभावी होने से संबंधित कंपनी की अलग सूचना महत्वपूर्ण होगी।



