WhatsApp ग्रुप में जरूरी जानकारी ढूंढने और नए सदस्य को पिछली बातचीत की जानकारी देने के लिए चार बदलाव घोषित हुए हैं। इनमें संदेश को अनिश्चित समय तक पिन रखना, किसी के ग्रुप में जुड़ जाने के बाद उसे हाल के संदेश भेजना, अलग-अलग ग्रुप के लिए अलग स्टेटस साझा करना और उल्लेख या सीधे जवाब वाले अपठित समूहों को छांटना शामिल है। बदलाव 29 अक्टूबर को घोषित किए गए और Android तथा iPhone पर क्रमशः उपलब्ध कराए जा रहे हैं; इसलिए हर खाते में ये विकल्प एक साथ दिखना जरूरी नहीं।
पिन की समय-सीमा चुनने की बाध्यता खत्म
अब ग्रुप का कोई महत्वपूर्ण संदेश पिन करते समय उपयोगकर्ता उसे बिना तय समय-सीमा के ऊपर रख सकेगा। पहले पिन को सीमित अवधि के लिए चुनना पड़ता था। यह विकल्प मीटिंग का पता, आयोजन का समय या समूह के नियम जैसे बार-बार खोजे जाने वाले संदेशों के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, किसी संदेश को लंबे समय तक पिन करने से उसमें दी गई जानकारी अपने आप अद्यतन नहीं रहती; बदलती सूचना पर नया संदेश पिन करना बेहतर होगा।
नए सदस्य को बाद में भी पिछली बातचीत की जानकारी
ग्रुप में किसी नए व्यक्ति को जोड़ते समय हाल की बातचीत भेजने का विकल्प पहले से मौजूद था। नए बदलाव में शामिल होने के बाद भी उस सदस्य के नाम पर टैप करके हाल के संदेश साझा किए जा सकते हैं। इससे शुरुआती समय में विकल्प छूट जाने पर पूरे समूह को फिर से जोड़ने या संदेश अलग-अलग भेजने की जरूरत घट सकती है। साझा किए जाने वाले संदेश निजी बातचीत की तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहते हैं, लेकिन समूह के दूसरे सदस्यों को यह समझना चाहिए कि चुनी हुई पुरानी बातचीत नए व्यक्ति तक पहुंचाई जा रही है।
ग्रुप के भीतर स्टेटस और नया चैट फिल्टर
ग्रुप-विशिष्ट स्टेटस से सदस्य ऐसा अपडेट केवल चुने हुए समूह के साथ साझा कर सकेंगे। उस समूह के लोग उसे देख सकते हैं, प्रतिक्रिया दे सकते हैं और अपना स्टेटस भी जोड़ सकते हैं। यह अपडेट सामान्य स्टेटस की तरह 24 घंटे बाद गायब होगा। साझा करने से पहले दर्शक समूह की जांच करना उपयोगी है, ताकि निजी या गलत समूह के लिए बनी पोस्ट अनचाहे लोगों तक न जाए।
चैट सूची में नया “Mentions and replies” फिल्टर उन अपठित समूह बातचीत को सामने लाएगा जहां उपयोगकर्ता का उल्लेख हुआ हो या उसे सीधे जवाब मिला हो। इसमें @all से आए संदेश भी शामिल हैं। बहुत सक्रिय समूहों में इससे हर चैट खोलकर जांचने का समय घट सकता है।
फीचर न दिखे तो क्या करें
घोषणा के अनुसार ये सुविधाएं धीरे-धीरे जारी होंगी। ऐप को अद्यतन रखने के बाद भी यदि कोई विकल्प न दिखे, तो इसका अर्थ यह नहीं कि खाता खराब है; रोलआउट सभी उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने में समय ले सकता है। ग्रुप एडमिन की अनुमतियां और साझा किए जाने वाले संदेशों की गोपनीयता भी ध्यान में रखें। खासकर इतिहास साझा करने से पहले सुनिश्चित करें कि उसमें ऐसा निजी विवरण न हो जिसे नए सदस्य के साथ बांटना उचित न हो।



