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अंजलि लैबटेक IPO: ₹1,225 करोड़ का प्रस्ताव, नए शेयरों से विस्तार और कर्ज भुगतान की योजना

अंजलि लैबटेक IPO खबर के लिए लैब में बने हीरों का सांकेतिक चित्र

अंजलि लैबटेक IPO का अपडेटेड ड्राफ्ट सामने आया है। लैब में तैयार हीरों और उन्हें बनाने वाली मशीनों का कारोबार करने वाली कंपनी ने कुल ₹1,225 करोड़ तक की सार्वजनिक पेशकश का प्रस्ताव रखा है। इसमें ₹925 करोड़ तक नए शेयर जारी करने और ₹300 करोड़ तक मौजूदा शेयरधारकों के शेयर बेचने की योजना शामिल है।

सेबी पर 25 सितंबर को उपलब्ध दस्तावेज अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस-I और उसका संक्षिप्त मसौदा हैं। संक्षिप्त मसौदा 24 सितंबर का है। इसमें बोली खुलने और बंद होने की तारीख तथा कीमत का विवरण अभी भरा नहीं गया है। इसलिए इसे आवेदन शुरू हो जाने या निवेशकों को तय कीमत पर शेयर मिलने की घोषणा नहीं समझना चाहिए।

अंजलि लैबटेक IPO की रकम कहां जाएगी?

नए शेयरों से कंपनी को मिलने वाली शुद्ध रकम का बड़ा हिस्सा मशीनों के निर्माण और अपने इस्तेमाल के लिए उनकी स्थापना पर लगाने का प्रस्ताव है। इन MPCVD मशीनों से लैब में कच्चे हीरे तैयार किए जाते हैं। कंपनी मशीनें दूसरे ग्राहकों को भी बेचती है और अपने उत्पादन में भी इस्तेमाल करती है।

प्रस्तावित उपयोग अनुमानित राशि
MPCVD मशीनों का निर्माण और आंतरिक स्थापना ₹524.56 करोड़
सूरत में अंजलि कॉरपोरेट हाउस का निर्माण एवं विकास ₹74.27 करोड़
कुछ मौजूदा कर्ज का भुगतान या अग्रिम भुगतान ₹75 करोड़

सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाली अंतिम रकम कीमत तय होने के बाद स्पष्ट होगी। ऑफर फॉर सेल यानी OFS का हिस्सा अलग है: उसका पैसा कंपनी के पास आने के बजाय शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगा। इसलिए कुल ₹1,225 करोड़ को कंपनी के विस्तार के लिए उपलब्ध पूरी नई पूंजी नहीं माना जा सकता।

मसौदे में ₹185 करोड़ तक प्री-IPO प्लेसमेंट पर विचार करने का विकल्प भी है। यदि यह पूरा किया जाता है, तो उससे जुटी रकम नए शेयरों वाले हिस्से से घटेगी। यह संभावित व्यवस्था है, पूरा हो चुका सौदा नहीं। शेयर का अंकित मूल्य ₹5 है; अंकित मूल्य और IPO की पेशकश कीमत अलग होते हैं।

कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन

अंजलि लैबटेक की गतिविधियों में मशीन बनाना, कच्चे लैब-ग्रोन हीरे उगाना, उन्हें पॉलिश करना और ऐसे हीरों के आभूषण तैयार करना शामिल है। दस्तावेज में सूरत में किराये के परिसरों पर सात विनिर्माण इकाइयों का उल्लेख है। कंपनी का गठन वित्त वर्ष 2021-22 में हुआ था।

पुनर्प्रस्तुत समेकित आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में परिचालन आय करीब ₹615.51 करोड़ और कर के बाद लाभ ₹200.92 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष में ये क्रमशः ₹472.50 करोड़ और ₹146.79 करोड़ थे। पुराने नतीजे भविष्य के मुनाफे या शेयर के भाव की गारंटी नहीं हैं।

ग्राहकों और मशीनों की मांग पर निर्भरता

कंपनी ने सीमित कारोबारी इतिहास, बड़े ग्राहकों पर निर्भरता और मांग में बदलाव को जोखिम बताया है। वित्त वर्ष 2025-26 में शीर्ष दस ग्राहकों से परिचालन आय का 59.37 प्रतिशत आया। मशीनों की बिक्री का हिस्सा 31.84 प्रतिशत और निर्यात का हिस्सा 34.11 प्रतिशत था। इन बाजारों में मांग घटने से कारोबार और नकदी प्रवाह प्रभावित हो सकते हैं।

प्राकृतिक हीरों के मुकाबले लैब-ग्रोन हीरों को लेकर ग्राहकों की पसंद, मौसमी मांग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी उपाय भी महत्वपूर्ण जोखिम हैं। आगे कीमत, बोली की तारीखें और अंतिम दस्तावेज आने पर पेशकश की पूरी शर्तें स्पष्ट होंगी।