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बेंगलुरु का केवल आधा सीवेज हो रहा साफ, सरकार ने दिसंबर 2029 तक 100% शोधन का लक्ष्य रखा

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने दिसंबर 2029 तक बेंगलुरु में पैदा होने वाले पूरे सीवेज के शोधन की क्षमता तैयार करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल शहर में रोज निकलने वाले लगभग 2,580 मिलियन लीटर सीवेज में से करीब आधे का ही उपचार हो रहा है।

बैंगलोर जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड ने नए सीवेज उपचार संयंत्र शुरू करने और मौजूदा संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई है। शहर इससे पहले 2020, 2023 और 2025 की समयसीमाएं पूरा नहीं कर सका था। नई समयसीमा कावेरी नदी में पहुंच रहे प्रदूषित पानी को लेकर बढ़ती चिंता के बीच तय की गई है।

कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में बीडब्ल्यूएसएसबी की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा के बाद वन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने सभी प्रस्तावित संयंत्र दिसंबर 2029 तक चालू करने का निर्देश दिया।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तकनीकी पार्कों, होटल, शिक्षण संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और आवासीय परिसरों के निजी एसटीपी की जांच करने को भी कहा गया है। उपचारित पानी की गुणवत्ता रियल टाइम में दिखाने के लिए केंद्रीकृत डैशबोर्ड बनाने का निर्देश दिया गया है।

जिन सरकारी एसटीपी में राष्ट्रीय हरित अधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक पूरे नहीं हो रहे हैं, उन्हें कमियां दूर करने के लिए 30 दिन दिए गए हैं। बीडब्ल्यूएसएसबी उन संपत्तियों की भी पहचान करेगा जो सीवर कनेक्शन उपलब्ध होने के बावजूद गंदा पानी बरसाती नालों में छोड़ रही हैं।