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बिहार के 14 जिलों में बाढ़ से 43.64 लाख लोग प्रभावित, राहत अभियान तेज

पटना: बिहार में बाढ़ का असर 14 जिलों तक फैल गया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा आँकड़ों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में करीब 43.64 लाख लोग प्रभावित हैं। एक दिन पहले विभागीय आकलन में 84 प्रखंडों और 514 पंचायतों के 40.21 लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई थी।

प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, हालांकि कुछ इलाकों में जलस्तर घटने की प्रवृत्ति भी दर्ज की गई है।

भागलपुर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर में 6.4 लाख से अधिक लोग और करीब 1.5 लाख परिवार प्रभावित हैं। जिले में बाढ़ग्रस्त पंचायतों और गांवों की संख्या बढ़ी है। जिला प्रशासन सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सहायता, नाव और अन्य राहत व्यवस्था की निगरानी कर रहा है।

SDRF और NDRF की टीमें तैनात

9 सितंबर के विभागीय बुलेटिन पर आधारित मीडिया रिपोर्ट में 27 SDRF और 10 NDRF टीमों की तैनाती, 15 राहत शिविर और 723 सामुदायिक रसोई चलने की जानकारी दी गई थी। 10 सितंबर के नए आँकड़ों पर आधारित रिपोर्ट में सामुदायिक रसोई की संख्या 951 और राहत शिविरों में ठहरे लोगों की संख्या करीब 11,255 बताई गई है। आँकड़े राहत अभियान के साथ लगातार बदल रहे हैं।

ताजा विवरण के अनुसार राहत कार्यों में 1,900 से अधिक नावों का उपयोग किया जा रहा है। सूखा राशन, पॉलीथीन शीट और पशु चारा भी वितरित किया गया है। प्रशासन ने नदी जलस्तर और प्रमुख बराजों से पानी के बहाव पर निगरानी बढ़ाई है।

लोग आधिकारिक सूचना पर ध्यान दें

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को जिला प्रशासन के निर्देश मानने, तेज धारा या जलमग्न सड़क पार न करने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थान या राहत शिविर में जाने की सलाह दी जाती है। स्थानीय स्तर पर स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए यात्रा से पहले सड़क और नदी की ताजा स्थिति जाँचनी चाहिए।

यह रिपोर्ट 9 और 10 सितंबर को प्रकाशित विभागीय आँकड़ों पर आधारित समाचार रिपोर्टों से तैयार की गई है। नए सरकारी बुलेटिन के साथ प्रभावित आबादी और राहत व्यवस्था के आँकड़े बदल सकते हैं।