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बिहार बाढ़: शीतलपुर में जमींदारी बांध टूटा, सारण के हैजलपुर में भी तटबंध धंसा

दशहरा से पहले ₹7,000 सहायता देने के निर्देश

1 अक्टूबर का अपडेट: मुख्यमंत्री सचिवालय की 30 सितंबर की जानकारी के अनुसार पश्चिम चंपारण के बथना राहत शिविर में समीक्षा के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों की पहचान कर दशहरा से पहले प्रति परिवार ₹7,000 अनुग्रह सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। यह सहायता देने का निर्देश है; सभी प्रभावित परिवारों के खातों में राशि पहुंचने की नई पुष्टि नहीं है।

अधिकारियों से कहा गया कि लोगों के घर लौटने और स्थिति सामान्य होने तक जरूरत के अनुसार सामुदायिक रसोई चलती रहें। नाव, सूखा राशन, चिकित्सा व्यवस्था तथा पशुओं के चारे और आश्रय की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बगहा, बैरिया, योगापट्टी और नौतन के प्रभावित क्षेत्रों तथा सारण के हैजलपुर का हवाई सर्वेक्षण किया।

30 सितंबर 2026 का अपडेट: गंडक में बढ़े जलप्रवाह के बीच गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड में शीतलपुर के पास जमींदारी बांध टूट गया है। जल संसाधन विभाग के बयान पर आधारित जानकारी और स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार निचले इलाकों में पानी फैलने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी हैं। प्रशासन ने सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है।

जमींदारी बांध और मुख्य तटबंध में अंतर

शीतलपुर की घटना मुख्य दाएं तटबंध के भीतर स्थित बांधौली–शीतलपुर–फैजुल्लाहपुर जमींदारी बांध की है। विभाग के 30 सितंबर के बयान में गोपालगंज में सारण के मुख्य तटबंध को सुरक्षित बताया गया। इसे पूरे मुख्य तटबंध के टूटने की घटना नहीं समझना चाहिए। स्थानीय रिपोर्ट में मुंजा मटियारी के पास बढ़े दबाव के कारण निगरानी तेज करने की जानकारी दी गई है।

सारण के मकेर में भी नुकसान

विभाग के अनुसार सारण जिले के मकेर प्रखंड में हैजलपुर के पास 29–30 सितंबर की रात दायां सारण तटबंध धंसने से पानी फैलने लगा। हैजलपुर, परमानंद छपरा और नौकराहा के निचले हिस्सों में जलभराव और संपर्क बाधित होने का खतरा बताया गया है। विभागीय टीमें जिला प्रशासन के साथ बाढ़ से बचाव के काम में जुटी हैं।

आकाशवाणी ने भी 30 सितंबर को उत्तर बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति और पश्चिम चंपारण के हवाई सर्वेक्षण के बाद राहत-बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देशों की जानकारी दी। नीचे दिए गए प्रभावित आबादी और राहत केंद्रों के पुराने आंकड़े सितंबर के मध्य के हैं; वे 30 सितंबर की कुल स्थिति नहीं बताते।

पृष्ठभूमि: 14–15 सितंबर की स्थिति

पटना, 15 सितंबर: बिहार के 15 जिलों में बाढ़ का असर बना हुआ है। 14 सितंबर की शाम अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार प्रभावित लोगों की संख्या करीब 50 लाख बताई गई। 13 सितंबर की सरकारी प्रसारण सेवा की रिपोर्ट में यह संख्या 48 लाख से अधिक थी। दोनों आंकड़े अलग समय के आकलन हैं; जलस्तर और राहत की स्थिति बदल रही है।

प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। गंगा समेत कई नदियां कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर हैं। स्थानीय प्रशासन की ताजा सूचना के बिना जलमग्न रास्तों से गुजरना जोखिम भरा है।

रसोई और राहत शिविर

14 सितंबर को अधिकारियों के हवाले से जारी जानकारी में 1,248 सामुदायिक रसोई और 13 राहत शिविर संचालित होने की बात कही गई। इन शिविरों में करीब 11,508 लोगों के ठहरने, भोजन और इलाज की व्यवस्था बताई गई। राहत और बचाव कार्य में 27 एसडीआरएफ और 10 एनडीआरएफ टीमों की तैनाती की जानकारी भी दी गई। ये संख्या 14 सितंबर के समय की है और बाद में बदल सकती है।

11 सितंबर के विभागीय विवरण में 46.88 लाख प्रभावित लोग, 1,194 सामुदायिक रसोई और 15 राहत शिविर दर्ज थे। पहले के इन आंकड़ों को मौजूदा स्थिति के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए। बाढ़ प्रभावित परिवार राहत, नाव और सुरक्षित ठिकाने के लिए अपने जिला प्रशासन की ताजा सूचना देखें।

अपडेट: 15 सितंबर। प्रभावितों और राहत से जुड़े नए आंकड़े 14 सितंबर को अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित सूचना पर आधारित हैं; नया मूल विभागीय बुलेटिन इस अपडेट के लिए उपलब्ध नहीं हुआ।