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बिहार हरित हाइड्रोजन नीति के प्रारूप को मंजूरी, निवेश और रोजगार बढ़ाने का लक्ष्य

पटना, 1 अक्टूबर 2026। बिहार मंत्रिपरिषद ने 30 सितंबर की बैठक में बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। नीति का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करना, कार्बन उत्सर्जन घटाना और आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करना है।

उत्पादन और रोजगार के लक्ष्य

सरकार ने इस क्षेत्र में सालाना 10 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। नीति से करीब 16,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश और लगभग 12,000 रोजगार अवसरों का अनुमान बताया गया है। ये भविष्य की संभावनाएं हैं; इन्हें अभी प्राप्त निवेश या उपलब्ध नौकरियों की संख्या नहीं समझना चाहिए।

नीति के क्रियान्वयन के लिए बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण को नोडल संस्था बनाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने फैसले की जानकारी दी।

प्रारूप की मंजूरी के बाद वास्तविक परियोजनाओं, निवेश और रोजगार की प्रगति आगे के क्रियान्वयन से स्पष्ट होगी। यह निर्णय अपने आप में किसी भर्ती की घोषणा नहीं है।