नई दिल्ली में BRICS 2026 के लिए पहुंचे नेताओं की द्विपक्षीय बैठकों और सम्मेलन के बाद हुए संवाद का देशवार विवरण यहां संकलित है। चीन, रूस, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और मिस्र के राष्ट्रपति सम्मेलन के लिए राजधानी पहुंचे थे। मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य देशों के नेताओं तथा प्रतिनिधियों का विवरण भी इस अपडेट में शामिल है। यहां हर देश के प्रतिनिधि और उनसे जुड़े पुष्ट घटनाक्रम का विवरण है।
जानकारी की स्थिति: 15 सितंबर 2026। नीचे आगमन और बैठकों के विवरण के साथ 14 सितंबर की भारत–वियतनाम संयुक्त आयोग बैठक का अपडेट शामिल है। यह सूची वास्तविक आगमन की है; केवल यात्रा के प्रस्तावित समय को इसमें आगमन का प्रमाण नहीं माना गया है।
चीन: मोदी-शी वार्ता पूरी, सीमा पर शांति पर जोर
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचे और उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी द्विपक्षीय बैठक हुई। करीब सात वर्ष बाद उनकी भारत यात्रा हुई है; पिछली यात्रा 2019 में मामल्लपुरम की अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए थी।
मोदी ने सीमा क्षेत्रों में शांति को संबंधों के आगे विकास का जरूरी आधार बताया और मौजूदा समझौतों का पालन करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने सीमा प्रश्न का निष्पक्ष, उचित और परस्पर स्वीकार्य समाधान तलाशने की प्रतिबद्धता दोहराई। सीमा विवाद सुलझ जाने की घोषणा नहीं हुई है।
व्यापार असंतुलन, आपूर्ति शृंखला की चिंताओं और बाजार तक भरोसेमंद पहुंच पर भी बात हुई। सांस्कृतिक संपर्क, कारोबारी संबंध और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही बढ़ाने की जरूरत बताई गई। नेताओं ने अगस्त 2025 की तियानजिन बैठक के बाद संबंधों में प्रगति का स्वागत किया और मतभेदों को विवाद बनने से रोकने पर जोर दिया।
14 सितंबर की चीनी प्रतिक्रिया: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने मोदी–शी बैठक के बाद दोनों देशों को साझेदार के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया। चीनी पक्ष के विवरण के अनुसार, मोदी ने स्वतंत्र विदेश नीति और किसी तीसरे पक्ष से अप्रभावित भारत–चीन संबंधों की बात कही। यह बैठक का चीनी विवरण है।
प्रवक्ता ने व्यापार संबंधी चिंताओं को संतुलित ढंग से सुलझाने, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए मतभेद संभालने की बात भी कही। चीन ने 2027 में अगला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित करने की पुष्टि की। तकनीकी सहयोग के लिए ओपन-सोर्स एआई समुदाय, डिजिटल मंच और युवा नवाचार आदान-प्रदान की योजनाएँ बताई गईं; इन्हें चालू सेवाएँ नहीं बताया गया।
रूस: पुतिन पहुंचे, मोदी के साथ बातचीत भी पूरी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक संबंधों सहित सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की। पुतिन के प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव भी दिल्ली आए थे।
इस यात्रा में आगमन से आगे बढ़कर द्विपक्षीय संवाद हो चुका है। बैठक से जुड़ा विस्तृत घटनाक्रम मोदी-पुतिन वार्ता की खबर में पढ़ा जा सकता है।
ईरान: राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की बैठकों का विवरण
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सम्मेलन के लिए भारत आए थे। 11 सितंबर को उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ अलग बैठक हुई।
बैठक में पश्चिम एशिया के हालात पर भी विचार हुआ। मोदी ने विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया। उन्होंने समुद्री आवागमन और व्यापार की स्वतंत्रता तथा नाविकों की सुरक्षा को क्षेत्र की स्थायी शांति से जोड़ा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स बैठकों में ईरान की उच्चस्तरीय भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री ने धन्यवाद दिया। दोनों नेता इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में मिले थे।
12 सितंबर को पेजेश्कियान ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की। क्षेत्रीय शांति पर बातचीत में मुर्मू ने संवाद और कूटनीति के जरिए संघर्ष सुलझाने का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान की सांस्कृतिक निकटता और लोगों के बीच संबंधों पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ईरान के समर्थन की सराहना की।
ईरानी राष्ट्रपति की बेटी जहरा पेजेश्कियान ने राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में ब्रिक्स बाजार का दौरा भी किया। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने उन्हें सदस्य और साझेदार देशों की कला तथा शिल्प परंपराओं से परिचित कराया।
ईरान–यूएई बैठक: संबंध सुधारने की इच्छा, क्षेत्रीय सुरक्षा पर जोर
12 सितंबर को दिल्ली में पेजेश्कियान और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद की अलग मुलाकात भी हुई। अगले दिन ईरानी राष्ट्रपति ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देश पुराने मतभेदों से आगे बढ़कर भविष्य के संबंधों पर काम करना चाहते हैं। यह उनके बयान में व्यक्त सहमति है; सभी विवाद समाप्त होने की घोषणा नहीं है।
यूएई राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने 13 सितंबर को बैठक पर टिप्पणी करते हुए सुरक्षा क्षमता और कूटनीतिक प्रयासों को एक-दूसरे का पूरक बताया। बातचीत में क्षेत्रीय तनाव घटाने, स्थिरता और शांति की संभावनाओं पर चर्चा हुई। संबंध सुधारने के इन संकेतों को किसी व्यापारिक रोक के हट जाने या नए समझौते के लागू होने का प्रमाण नहीं माना गया है।
दक्षिण अफ्रीका और युगांडा के नेताओं का स्वागत
दक्षिण अफ्रीका: राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे। केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उनका स्वागत किया। दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स का सदस्य देश है और रामाफोसा ने सम्मेलन में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया।
13 सितंबर को मोदी और रामाफोसा ने रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। वैश्विक मुद्दों पर बातचीत के साथ बहुपक्षीय मंचों पर तालमेल जारी रखने पर सहमति हुई। दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए चीतों का उल्लेख करते हुए मोदी ने उसे इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने पर विचार करने का निमंत्रण दिया। यह निमंत्रण है; सदस्यता स्वीकार कर लेने की घोषणा नहीं हुई है।
युगांडा: उपराष्ट्रपति जेसिका अलूपो भी राजधानी पहुंचीं। उनके स्वागत के लिए भी जयंत चौधरी मौजूद रहे। युगांडा ब्रिक्स का साझेदार देश है। इसलिए दोनों देशों की भागीदारी बताते समय सदस्य और साझेदार की अलग स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है।
उपराष्ट्रपति अलूपो और मोदी की 13 सितंबर की बैठक में निजी क्षेत्र के सहयोग, निवेश सुगम बनाने और तकनीकी साझेदारी पर जोर दिया गया। क्षमता निर्माण तथा ज्ञान साझा करने को भी प्राथमिकता मिली। मोदी ने युगांडा के विकास कार्यक्रम ‘विजन 2040’ के प्रति भारत का समर्थन दोहराया। दोनों पक्षों ने विकासशील देशों की आवाज मजबूत करने के लिए निकट संवाद की जरूरत बताई।
नाइजीरिया और ब्राजील से कौन आया
नाइजीरिया: उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। नाइजीरिया भी ब्रिक्स के साझेदार देशों में शामिल है। उनके आगमन के साथ सम्मेलन में देश के उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व की पुष्टि हुई है।
मोदी और शेट्टिमा की बैठक में ऊर्जा, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल तकनीक में साझेदारी आगे बढ़ाने पर विचार हुआ। व्यापार और निवेश के अवसरों के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की प्राथमिकताओं के लिए मिलकर काम करने की बात हुई। दोनों नेताओं ने भारत-नाइजीरिया रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
14 सितंबर: महिला और बाल विकास पर अलग संवाद। नाइजीरिया की मंत्री इमान सुलेमान-इब्राहिम ने नई दिल्ली में अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात की। महिला उद्यमियों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने, महिला समूहों के जरिए रोजगार और कौशल बढ़ाने तथा देखभाल सेवाओं में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
बाल संरक्षण, डिजिटल सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा भी बातचीत का हिस्सा रहे। नाइजीरियाई पक्ष ने महिला समूहों, पोषण सहायता और उद्यमिता के वित्तपोषण में भारत के अनुभव जानने की रुचि जताई। मंत्रियों ने इन क्षेत्रों में मिलकर काम करने की संभावना व्यक्त की; किसी नई सहायता राशि या योजना के लागू होने की घोषणा नहीं हुई।
ब्राजील: विदेश मंत्री माउरो विएरा गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंच गए थे। यहां पुष्टि विएरा के आगमन की है; इसे ब्राजील के राष्ट्रपति के पहुंचने की खबर नहीं समझा जाना चाहिए।
उरुग्वे और फिलीपींस के प्रतिनिधि भी पहुंचे
उरुग्वे: विदेश मंत्री मारियो लुबेत्किन दिल्ली आए थे।
फिलीपींस: राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर भी दिल्ली आए थे। विदेश मंत्रालय ने सम्मेलन में उनकी भागीदारी आसियान के अध्यक्ष के रूप में बताई थी। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनका स्वागत किया। विदेश मामलों की सचिव मारिया थेरेसा पी. लजारो पहले पहुंच चुकी थीं।
फिलीपींस की प्रथम महिला लुईस अरनेटा-मार्कोस की 12 सितंबर को अन्नपूर्णा देवी से दोपहर भोज पर मुलाकात हुई। केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं के नेतृत्व में विकास और उन्हें समान भागीदार बनाने की भारत की प्रतिबद्धता साझा की।
13 सितंबर को राष्ट्रपति मार्कोस और मोदी की द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों देशों ने रक्षा और व्यापार के साथ रेल ढांचे, अंतरिक्ष तथा फिनटेक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। शिक्षा, पर्यटन और वैज्ञानिक नवाचार भी बातचीत का हिस्सा रहे। प्रधानमंत्री ने आपदा सहनशील अवसंरचना गठबंधन में फिलीपींस के शामिल होने के फैसले का स्वागत किया। यह वार्ता अगस्त 2025 में स्थापित रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रही।
मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और मलेशिया के नेताओं की बैठकें
मिस्र: राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी 11 सितंबर की शाम दिल्ली पहुंचे। हवाईअड्डे पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनका स्वागत किया।
13 सितंबर की मोदी–सिसी बैठक: मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने दिल्ली में व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा की। सिसी ने द्विपक्षीय व्यापार को 12 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा; यह हासिल हो चुके व्यापार का आँकड़ा नहीं है। विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और वाहन उद्योग में भारतीय निवेश बढ़ाने की संभावनाएँ रखी गईं।
हरित हाइड्रोजन, दवा उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी भी बातचीत में शामिल थे। मिस्र के आधिकारिक विवरण में कहा गया कि मोदी ने कंपनियों को निवेश के अवसर तलाशने और दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। किसी नई परियोजना के शुरू हो जाने की घोषणा नहीं हुई। क्षेत्रीय हालात और फलस्तीन पर चर्चा में सिसी ने वार्ता, अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता के सम्मान पर जोर दिया।
संयुक्त अरब अमीरात: अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान सम्मेलन के लिए दिल्ली आए थे। उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति की ओर से देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
12 सितंबर को मोदी और क्राउन प्रिंस की द्विपक्षीय बैठक भी हुई। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और तकनीक में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर की एकीकृत नई एल्यूमिनियम परियोजना में निवेश की यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी की घोषणा का स्वागत किया। यह निवेश की घोषणा है; परियोजना पूरी हो जाने का दावा नहीं है। ब्रिक्स के माध्यम से साझा प्राथमिकताओं पर साथ काम जारी रखने पर भी सहमति हुई।
मलेशिया: प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम शुक्रवार शाम दिल्ली आए। उनका विमान भारतीय समय के अनुसार शाम 6:30 बजे पालम वायुसेना स्टेशन पर उतरा। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह स्वागत के लिए मौजूद थे।
शनिवार को मोदी और अनवर की बैठक में फरवरी की प्रधानमंत्री की मलेशिया यात्रा के बाद हुई प्रगति की समीक्षा हुई। व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। अनवर ने सबाह के कोटा किनाबालु में भारतीय महावाणिज्य दूतावास स्थापित करने पर मलेशिया की सहमति बताई। यह स्थापना की सहमति है; दूतावास खुल जाने की घोषणा नहीं।
यात्रा के बाद व्यापार पर पहल: अनवर ने 14 सितंबर को कालीकट में पत्रकारों से कहा कि मलेशिया का निवेश, व्यापार और उद्योग मंत्रालय भारतीय बाजार में अपने उत्पादों की पहुँच बढ़ाने के प्रयास आगे बढ़ाएगा। उन्होंने मोदी के साथ हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए कुछ व्यापारिक पाबंदियों और अतिरिक्त शहरों में विमानन सुविधाओं की माँग पर काम की जरूरत बताई। यह सुविधाएँ मंजूर होने की घोषणा नहीं है।
अनवर के मुताबिक, राज्य के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के साथ भी व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई। उन्होंने लंबित मुद्दों को संबंधित प्रक्रियाओं के जरिए उठाने की बात कही। यह जानकारी उनकी भारत यात्रा के समापन पर दिए बयान से संबंधित है।
इथियोपिया और बुरुंडी का प्रतिनिधित्व
इथियोपिया: प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली ने शनिवार को दिल्ली में मोदी से मुलाकात की। दोनों ने आर्थिक सहयोग, रक्षा और सुरक्षा तथा क्षमता निर्माण में प्रगति पर चर्चा की। बहुपक्षीय मंचों पर निकट सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। विदेश मंत्री गेडियन टिमोथेवोस 10 सितंबर को दिल्ली आ चुके थे।
बुरुंडी: विदेश मंत्री एडुआर्ड बिजिमाना 10 सितंबर को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल 3 पहुंचे थे। राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये भी दिल्ली आए और सम्मेलन में अफ्रीकी संघ का प्रतिनिधित्व किया।
13 सितंबर को नदायिशिमिये और मोदी की मुलाकात में चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन जल्द बुलाने पर चर्चा हुई। आयोजन की तारीख दोनों पक्षों की सुविधा से तय होनी है। बुरुंडी के साथ स्वास्थ्य, कृषि आधुनिकीकरण, आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण की समीक्षा भी हुई। अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष ने इबोला प्रकोप से निपटने में अफ्रीका सीडीसी को भारत से मिली चिकित्सा सहायता की सराहना की।
इंडोनेशिया, थाईलैंड और क्यूबा से भी आगमन
विदेश मंत्रालय ने इन तीन देशों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की जानकारी दी है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का स्वागत केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश दुबे ने किया। थाईलैंड से उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिहसक फुआंगकेतकेव आए थे। क्यूबा का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पर्रिया ने किया।
वियतनाम: प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग की मोदी से मुलाकात
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग की शनिवार को नई दिल्ली में मोदी से बैठक हुई। मोदी ने ब्रिक्स साझेदार देश के रूप में वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने मई 2026 में उन्नत की गई द्विपक्षीय साझेदारी की प्रगति और क्षेत्रीय तथा वैश्विक विषयों पर बातचीत की। वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट नीति में महत्वपूर्ण साझेदार है।
प्रधानमंत्रियों की वार्ता के बाद 13 सितंबर को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वियतनाम के उप रक्षा मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल गुयेन त्रुओंग थांग की भी दिल्ली में बैठक हुई। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, तकनीक साझा करने और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। आसियान के नेतृत्व वाले मंचों तथा एडीएमएम-प्लस में साथ काम करने पर जोर दिया गया। अगली रक्षा नीति वार्ता भारत में एयरो इंडिया 2027 के दौरान आयोजित करने पर सहमति हुई।
14 सितंबर: विदेश मंत्रियों की संयुक्त आयोग बैठक
सम्मेलन के बाद नई दिल्ली में एस. जयशंकर और वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई त्रुंग ने 19वीं संयुक्त आयोग बैठक की सह-अध्यक्षता की। व्यापार को 25 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य के लिए बाजार तक पहुंच की बाधाएँ कम करने और कारोबार सुगम बनाने पर सहमति हुई। यह लक्ष्य है, प्राप्त व्यापार का आँकड़ा नहीं।
दोनों पक्ष सीधी उड़ानें बढ़ाने और आपसी क्यूआर भुगतान संपर्क जल्द शुरू करने के लिए काम करेंगे। रक्षा प्रशिक्षण, तकनीक हस्तांतरण और समुद्री सुरक्षा संवाद भी चर्चा में रहे। पहली विदेश–रक्षा 2+2 वार्ता जल्द आयोजित करने तथा वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक का कार्यवृत्त हस्ताक्षरित हुआ; प्रस्तावित सेवाओं को चालू घोषित नहीं किया गया है।
कजाखस्तान: तोकायेव से ऊर्जा और संपर्क पर वार्ता
कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव ने 13 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। इस बैठक से सम्मेलन के दौरान राजधानी में उनकी मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि हुई है। दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के मुद्दे चर्चा में रहे। रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और उभरती तकनीक में सहयोग की भी समीक्षा हुई। नेताओं ने क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर विचार साझा किए। आधिकारिक विवरण में इन विषयों पर बातचीत का उल्लेख है; किसी नए समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा नहीं की गई है।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुख
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ भी शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक की प्रमुख जोउ जियायी के आगमन की भी खबर है। विश्व व्यापार संगठन की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवेला भी दिल्ली आई थीं। इन संस्थाओं के प्रमुखों की भागीदारी को किसी देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के प्रतिनिधित्व से अलग समझना चाहिए।
मोदी-गुटेरेस बैठक: सुरक्षा परिषद में सुधार पर चर्चा
11 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की बैठक हुई। दोनों ने सुरक्षा परिषद सहित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को वर्तमान विश्व परिस्थितियों के अनुरूप बदलने की जरूरत पर जोर दिया। बातचीत में जारी संघर्षों और समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता के साथ वैश्विक खाद्य सुरक्षा भी शामिल रही। सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा में प्रगति और लोगों के हितों को केंद्र में रखने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर भी विचार हुआ।
12–13 सितंबर का सम्मेलन और नई दिल्ली घोषणापत्र
भारत की अध्यक्षता में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12–13 सितंबर को आयोजित हुआ। 12 सितंबर की शाम नई दिल्ली घोषणापत्र जारी हुआ। वैश्विक संस्थाओं में सुधार, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर साझा रुख का विवरण घोषणापत्र और मोदी के प्रस्तावों की खबर में पढ़ें।
सहयोग के दो दशक पर दो स्मारक डाक टिकट
12 सितंबर को सम्मेलन के अवसर पर ब्रिक्स के 2006–2026 के सफर को समर्पित दो स्मारक डाक टिकट जारी किए गए। एक टिकट पारस्परिक सम्मान और एकजुटता के मंच के रूप में समूह की पहचान दर्शाता है। दूसरे में भारत की 2026 की अध्यक्षता का प्रतीक और आम लोगों के हितों को केंद्र में रखने की भावना दिखाई गई है।
यह संकलन सम्मेलन के दौरान हुए आगमन और 15 सितंबर तक उपलब्ध बैठकों के विवरण पर आधारित है। सम्मेलन से जुड़ी खबरें BRICS सम्मेलन 2026 अनुभाग में पढ़ें।



