चंडीगढ़, 13 सितंबर: केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की चंडीगढ़ पीठ ने CBI के भ्रष्टाचार मामलों का सामना कर रहे चंडीगढ़ पुलिस के चार कर्मियों की बर्खास्तगी के आदेश रद्द किए हैं। 10 और 11 सितंबर को सामने आए फैसले के विवरण के अनुसार, विभाग ने संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत सामान्य विभागीय जाँच को छोड़कर सीधे बर्खास्तगी की थी।
अधिकरण ने कहा कि आरोपों की गंभीरता या गवाहों को प्रभावित करने की सामान्य आशंका भर से यह साबित नहीं होता कि विभागीय जाँच कराना व्यावहारिक रूप से असंभव था। विभाग उस समय की ठोस परिस्थितियों और प्रमाण का पर्याप्त आधार नहीं दिखा पाया। चार अर्जियों पर साथ सुनवाई हुई; इनमें एएसआई अख्तर हुसैन का मामला भी शामिल है।
आदेश का अर्थ आरोपों से बरी होना या तत्काल बहाली का अंतिम फैसला नहीं है। लंबित आपराधिक मामलों पर इस निर्णय से कोई निष्कर्ष नहीं निकला। सक्षम प्राधिकारी को प्रमाणित आदेश मिलने के तीन महीने के भीतर बहाली, सेवा की निरंतरता, वेतन-लाभ और बीच की अवधि के संबंध में नियमों के अनुसार निर्णय लेना है। विभाग कानून के तहत आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर सकता है।