रायपुर, 10 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में युवाओं के कौशल, नई तकनीक और उद्यमिता को जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन को मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस मिशन के लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान स्वीकृत किया गया। योजना में प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र और 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है।
NIPUN मिशन में प्रशिक्षण से रोजगार तक क्या होगा?
मिशन के तहत पांच इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर भी बनाए जाएंगे। इसके साथ NIPUN JOB Engine विकसित करने की योजना है, जिसके जरिए उद्योगों की जरूरत और युवाओं के कौशल को जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को उद्योगों के लिए तैयार करना और अपना कारोबार शुरू करने की क्षमता बढ़ाना है।
प्रस्तावित लैब में नई तकनीक पर व्यावहारिक प्रयोग और तकनीकी समाधान विकसित करने के अवसर मिलेंगे। उद्योग विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डेटा एनालिटिक्स और अन्य उभरते क्षेत्रों में काम की संभावनाएं बन सकती हैं। स्वास्थ्य, खेती, हरित तकनीक और खनन जैसी स्थानीय जरूरतों के समाधान पर काम करने वाले स्टार्टअप को भी अवसर मिलने की उम्मीद है।
यह अभी मिशन और संबंधित ढांचे को मंजूरी मिलने की खबर है। घोषित लक्ष्य प्रशिक्षण को प्रमाणपत्र तक सीमित रखने के बजाय रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है। लैब बन जाने या युवाओं को नौकरी मिल जाने का परिणाम इस मंजूरी से अपने-आप सिद्ध नहीं होता।
निर्यात के लिए 2026–30 की नीति मंजूर
मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026–30 को भी स्वीकृति दी है। इसमें कृषि और औद्योगिक उत्पादों का मूल्य बढ़ाकर उन्हें अधिक बाजारों तक पहुंचाने, निर्यातकों को व्यापार सुविधाएं देने और लॉजिस्टिक्स ढांचा मजबूत करने पर ध्यान रहेगा।
ई-कॉमर्स मंचों, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की योजना है। सरकार इससे निर्यात की मात्रा और मूल्य, दोनों में वृद्धि चाहती है। ये नीति के लक्ष्य हैं; इन्हें हासिल हो चुके निर्यात परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
नवा रायपुर में कौशल संस्थान का प्रस्ताव
तकनीकी प्रशिक्षण के लिए नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का रास्ता भी आगे बढ़ाया गया है। मंत्रिमंडल ने तेंदुवा गांव में 10 एकड़ जमीन नि:शुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। संस्थान की अनुमानित लागत 200 करोड़ रुपये है।
प्रस्तावित क्षमता के अनुसार यहां हर साल दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में लगभग 1,000 और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। शैक्षणिक और प्रशासनिक भवनों के साथ छात्रावास सुविधाएं विकसित करने की योजना भी है।
45 वर्ष की आयु सीमा किनके लिए है?
एक अलग फैसले में पहले से सेवा में मौजूद कर्मचारियों को अन्य सरकारी सेवाओं या उच्च पदों के लिए आवेदन करने में राहत दी गई है। संबंधित अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने की मंजूरी मिली है। इसमें स्थायी और अस्थायी सरकारी कर्मचारी, निगम-मंडल तथा स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारी, संविदाकर्मी और नगर सैनिक शामिल हैं।
इस छूट को सभी नए आवेदकों के लिए सामान्य भर्ती आयु सीमा में बदलाव नहीं समझना चाहिए। इसके क्रियान्वयन के लिए सरकार अलग से एकीकृत दिशा-निर्देश जारी करेगी।

