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दलीप ट्रॉफी: ईस्ट जोन तीसरी बार चैंपियन, ईशान के 270 रन बने जीत की नींव

दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब ईस्ट जोन ने अपने नाम कर लिया है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ फाइनल गुरुवार, 10 सितंबर को ड्रॉ समाप्त हुआ। ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम को पहली पारी में मिली 372 रन की बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया। यह ईस्ट […]

दलीप ट्रॉफी जीत के बाद क्रिकेट टीम के जश्न का सांकेतिक चित्र

दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब ईस्ट जोन ने अपने नाम कर लिया है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ फाइनल गुरुवार, 10 सितंबर को ड्रॉ समाप्त हुआ। ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम को पहली पारी में मिली 372 रन की बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया। यह ईस्ट जोन का तीसरा खिताब है।

फाइनल का फैसला किसी लक्ष्य का पीछा करके या विपक्ष को दो बार ऑलआउट करने से नहीं हुआ। ईस्ट जोन ने पहली पारी में इतनी बड़ी बढ़त बना ली थी कि ड्रॉ की स्थिति में खिताब उसके पास गया। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा की टीम विशाल स्कोर के जवाब में काफी पीछे रह गई।

दलीप ट्रॉफी फाइनल में बल्लेबाजी से बनी मजबूत नींव

ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 708 रन बनाए। ईशान किशन की 270 रन की पारी इस स्कोर का सबसे बड़ा आधार बनी। कुमार कुशाग्र ने 101 रन बनाए, जबकि शिखर मोहन ने 85 और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन जोड़े। वैभव सूर्यवंशी ने 44 रन का योगदान दिया।

जवाब में साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर समाप्त हुई। तिलक वर्मा 99 रन बनाकर शतक से एक रन दूर रह गए। देवदत्त पडिक्कल ने 62 रन बनाए। ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार ने तीन और मोहम्मद शमी ने दो विकेट लिए।

दूसरी पारी में भी ईशान का योगदान

ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 388 रन बनाए और कुल बढ़त 760 रन तक पहुँचा दी। ईशान ने इस बार 80 रन जोड़े। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। एमडी कौनैन कुरैशी 116 रन बनाकर नाबाद रहे और अनुकूल राय ने 64 रन बनाए।

दूसरी पारी में शुरुआत आसान नहीं रही थी। सिर्फ 13 रन तक अभिमन्यु और वैभव के विकेट गिर गए थे। इसके बाद मध्यक्रम ने स्थिति संभाली और साउथ जोन को मुकाबले में वापसी का अवसर नहीं दिया।

खिताब के बाद शमी ने मेहनत पर रखा जोर

जीत के बाद मोहम्मद शमी ने अपनी जिम्मेदारी को लगातार मेहनत करने से जोड़ा। उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी को लेकर सवाल नहीं पूछने का अनुरोध किया और कहा कि उनका काम मेहनत करना है। शमी ने यह भी बताया कि खिलाड़ी को जिस स्तर पर मौका मिले, वहाँ टीम के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

शमी के अनुसार, चेन्नई की परिस्थितियों में सामान्य स्विंग कम थी और उछाल भी नीचा था। उन्होंने अपनी लाइन और लेंथ पर भरोसा किया तथा पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक, अनुकूल परिस्थितियों में योजना लागू करना आसान होता है, लेकिन मुश्किल हालात में टीम के लिए प्रदर्शन करना कौशल की असली परीक्षा है।

उन्होंने युवा खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभव भी साझा किए। शमी ने कहा कि आज के युवा आईपीएल और दबाव वाले मुकाबलों से जल्दी परिपक्व हो रहे हैं। चुनौतीपूर्ण समय में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका उन्हें रणनीतिक सुझाव देने और संघर्ष जारी रखने के लिए प्रेरित करने की होती है।

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