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सरकारी उधारी: दूसरी छमाही में ₹7.86 लाख करोड़ की योजना, ग्रीन बॉन्ड भी शामिल

सरकारी उधारी और ग्रीन बॉन्ड का सांकेतिक चित्र

केंद्र सरकार की वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही के लिए सरकारी उधारी का कैलेंडर सामने आ गया है। अक्टूबर से मार्च की अवधि के संकेतात्मक कार्यक्रम में दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियों के जरिए कुल ₹7.86 लाख करोड़ जुटाने की योजना रखी गई है। इसमें ₹15,000 करोड़ के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी शामिल हैं। यह आगामी निर्गमों का कार्यक्रम है; पूरी राशि पहले ही जुटा लिए जाने का ब्योरा नहीं है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने 25 सितंबर को जारी कैलेंडर में 23 नीलामी सप्ताह निर्धारित किए हैं। अलग-अलग अवधि की प्रतिभूतियों को सप्ताहवार रखा गया है, ताकि बाजार को प्रस्तावित आपूर्ति की जानकारी पहले से मिल सके। हालांकि, यह कार्यक्रम संकेतात्मक है और जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव किया जा सकता है।

सरकारी उधारी के पहले चार सप्ताह का कार्यक्रम

पहला नीलामी सप्ताह 28 सितंबर से 2 अक्टूबर का है। इस सप्ताह ₹33,000 करोड़ की प्रतिभूतियों का प्रस्ताव है। इसमें तीन वर्ष की ₹9,000 करोड़, सात वर्ष की ₹12,000 करोड़, 30 वर्ष की सामान्य प्रतिभूतियों की ₹9,000 करोड़ और 30 वर्ष के ग्रीन बॉन्ड की ₹3,000 करोड़ राशि शामिल है।

नीलामी सप्ताह प्रस्तावित कुल राशि अवधि
28 सितंबर–2 अक्टूबर ₹33,000 करोड़ 3, 7 और 30 वर्ष; ग्रीन बॉन्ड सहित
5–9 अक्टूबर ₹36,000 करोड़ 15 और 50 वर्ष
12–16 अक्टूबर ₹34,000 करोड़ 10 वर्ष
19–23 अक्टूबर ₹33,000 करोड़ 5 और 40 वर्ष

पूरे कार्यक्रम में तीन, पांच, सात, दस, पंद्रह, तीस, चालीस और पचास वर्ष की अवधियों को जगह दी गई है। सप्ताह के लिए बताई गई तारीखों को प्रत्येक नीलामी की अंतिम अधिसूचना का विकल्प नहीं समझना चाहिए। संबंधित निर्गम का विवरण अलग घोषणा में स्पष्ट होगा।

पांच किस्तों में ₹15,000 करोड़ के ग्रीन बॉन्ड

30 वर्ष के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड की पांच नीलामियों में प्रत्येक के लिए ₹3,000 करोड़ रखे गए हैं। ये सप्ताह 28 सितंबर–2 अक्टूबर, 26–30 अक्टूबर, 23–27 नवंबर, 21–25 दिसंबर और 18–22 जनवरी हैं। इनकी कुल राशि ₹15,000 करोड़ बनती है और यह ₹7.86 लाख करोड़ के समग्र कार्यक्रम का हिस्सा है, उसके ऊपर अतिरिक्त रकम नहीं।

निर्दिष्ट खुदरा निवेशकों के लिए अधिसूचित राशि का पांच प्रतिशत गैर-प्रतिस्पर्धी बोली व्यवस्था के तहत आरक्षित रहेगा। इस प्रावधान और प्रत्येक नीलामी की अलग शर्तों को साथ पढ़ना जरूरी है; कैलेंडर अपने आप किसी निवेशक को आवंटन की गारंटी नहीं देता।

राशि और समय में बदलाव का विकल्प

सरकार और रिजर्व बैंक बाजार की परिस्थितियों तथा अन्य जरूरतों के अनुसार राशि, समय, परिपक्वता अवधि या प्रतिभूति के प्रकार में बदलाव कर सकते हैं। छुट्टियों से जुड़ा परिवर्तन भी संभव है। संशोधन की सूचना दी जाएगी। प्रत्येक प्रतिभूति के मुकाबले ₹2,000 करोड़ तक अतिरिक्त अभिदान स्वीकार करने का ग्रीनशू विकल्प भी रखा गया है।

इसके अलावा स्विच नीलामियां सामान्यतः हर महीने के तीसरे सोमवार को या जरूरत के अनुसार अधिक बार होंगी। तीसरे सोमवार को छुट्टी होने पर चौथे सोमवार का प्रावधान है। इसलिए आने वाले महीनों में सरकारी बॉन्ड की आपूर्ति समझने के लिए इस कैलेंडर के साथ वास्तविक नीलामी घोषणाओं और परिणामों पर नजर रखना उपयोगी होगा।