भारत, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात ने अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा संस्कृति और विरासत के क्षेत्रों में अपने त्रिपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की है। न्यूयॉर्क में 22 सितंबर को हुई विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने 23 सितंबर को बैठक का विवरण जारी किया।
नियमित समीक्षा पर बनी सहमति
तीनों देशों ने साझा रुचि वाले क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाने और संबंधों को ठोस पहलों के जरिये आगे ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्रियों ने आपसी सहयोग की प्रगति पर नजर रखने के लिए नियमित अंतराल पर बैठक करने पर सहमति जताई।
आधिकारिक विवरण में किसी नई परियोजना के लिए राशि, समय-सीमा या हस्ताक्षरित समझौते की घोषणा नहीं की गई है। बैठक का केंद्र पहले से सहमत क्षेत्रों में काम की समीक्षा और आगे का सहयोग रहा।
किसने किया प्रतिनिधित्व
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अवसर पर हुई बैठक में भारत का नेतृत्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया। फ्रांस की ओर से यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री ज्यां-नोएल बारो तथा यूएई की ओर से उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान शामिल हुए।
पश्चिम एशिया पर बातचीत
तीनों मंत्रियों ने पश्चिम एशिया के हालात पर विचार किया। जारी विवरण में इस बातचीत के किसी अलग प्रस्ताव, मध्यस्थता पहल या सुरक्षा समझौते का उल्लेख नहीं है। साथ ही देशों ने अपने मौजूदा मैत्रीपूर्ण संबंधों के आधार पर त्रिपक्षीय संपर्क को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।



