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नेपाल को रोज 18 घंटे बिजली निर्यात की मंजूरी, दिसंबर तक व्यवस्था

हिमालयी क्षेत्र की ओर जाती बिजली की लाइनों और रोशन बस्ती का सांकेतिक चित्र

बाढ़ से जलविद्युत ढांचे को नुकसान झेल रहे नेपाल की बिजली जरूरतों के लिए भारत ने दो सीमापार लाइनों से आपूर्ति की अनुमति दी है। विद्युत मंत्रालय के 14 सितंबर के विवरण के अनुसार, यह मंजूरी 13 सितंबर से 31 दिसंबर 2026 तक लागू है।

कितनी बिजली और किस समय?

नेपाल विद्युत प्राधिकरण को प्रतिदिन आधी रात से शाम छह बजे तक, यानी 18 घंटे, बिजली निर्यात की अनुमति है। मुजफ्फरपुर–ढालकेबर लाइन से अधिकतम 600 मेगावाट और तनकपुर–महेंद्रनगर लाइन से अधिकतम 54 मेगावाट की मंजूरी दी गई है। ये स्वीकृत अधिकतम सीमाएँ हैं; हर समय इतनी बिजली पहुंचने का आँकड़ा नहीं हैं।

जनवरी की मात्रा पर दिसंबर में समीक्षा

मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में हाल की बाढ़ ने जलविद्युत अवसंरचना को भारी क्षति पहुंचाई है। घरेलू उत्पादन क्षमता घटने से अतिरिक्त बिजली की जरूरत बनी है। मंजूर आपूर्ति इसी परिस्थिति में नेपाल की मदद के लिए है।

जनवरी 2027 से निर्यात की जाने वाली मात्रा पर दिसंबर में समीक्षा होगी। फिलहाल घोषित अनुमति साल के अंत तक की अवधि और प्रतिदिन तय समय के लिए है।