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कर्ज के साथ बीमा: दर और प्रीमियम अलग बताने का IRDAI प्रस्ताव, खरीद की स्वतंत्रता पर जोर

IRDAI के ऋण और बीमा प्रस्ताव की खबर के लिए दस्तावेजों और घर का सांकेतिक चित्र

कर्ज लेते समय उसी बैंक से बीमा खरीदने की मजबूरी और प्रीमियम को ऋण में जोड़ने जैसी व्यवस्थाओं पर बीमा नियामक ने नए सुरक्षा उपाय प्रस्तावित किए हैं। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDAI के मसौदे में ग्राहक को बीमा के साथ और उसके बिना मिलने वाली ब्याज दर अलग-अलग बताने की बात है। बीमा खरीदने का फैसला स्पष्ट जानकारी और सहमति के आधार पर हो, यही इन प्रस्तावों का प्रमुख उद्देश्य है।

यह अभी परामर्श पत्र है, लागू हो चुका अंतिम नियम नहीं। 23 सितंबर 2026 को जारी वितरण सुधारों के दस्तावेज पर 25 अक्टूबर 2026 तक सुझाव माँगे गए हैं। अंतिम व्यवस्था तय होने से पहले प्रस्तावों में बदलाव हो सकता है।

IRDAI ने अनिवार्य बीमा जोड़ने पर क्या कहा?

मसौदे के भाग एक की धारा 10 में बीमा वितरक के रूप में पंजीकृत बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए अपने उत्पादों या सेवाओं के साथ बीमा अनिवार्य रूप से जोड़ने पर रोक प्रस्तावित है। दस्तावेज में उदाहरण देकर समझाया गया है कि ऋण देने की शर्त के तौर पर ग्राहक को बीमा खरीदने के लिए बाध्य करना इस दायरे में आता है।

यदि ऋणदाता अपने पूरे ऋण पोर्टफोलियो को उधारकर्ताओं से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं के जोखिम से बचाना चाहता है, तो प्रस्ताव उसे समूह पॉलिसी लेने और उसका प्रीमियम अपने संस्थान के खर्च के रूप में चुकाने का विकल्प देता है। इसे ग्राहक पर किसी विशिष्ट पॉलिसी की बाध्यता डालने से अलग रखा गया है।

लाभ वाले पैकेज के लिए तीन शर्तें

हर संयुक्त पेशकश को रोकने की बात नहीं है। ग्राहक को स्पष्ट और दिखाया जा सकने वाला लाभ देने वाले पैकेज की अनुमति प्रस्तावित है। उदाहरण के लिए, ऋण की रकम के बराबर टर्म जीवन बीमा या संबंधित संपत्ति का बीमा अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में देने पर कम ब्याज दर की पेशकश की जा सकती है।

  • दर की तुलना: ग्राहक को अतिरिक्त बीमा सुरक्षा के साथ और उसके बिना दोनों ब्याज दरें बतानी होंगी।
  • खरीद की स्वतंत्रता: यह शर्त नहीं होनी चाहिए कि बीमा उसी बैंक या NBFC से खरीदा जाए।
  • अलग भुगतान: प्रीमियम ग्राहक अपने खाते, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से सीधे और अलग चुकाए; उसे ऋण की रकम से न निकाला जाए।

किन अन्य पेशकशों का उदाहरण है?

मसौदे में निश्चित सीमा से अधिक जमा रखने वाले ग्राहकों या उधारकर्ताओं को पूरक समूह टर्म बीमा देने का उदाहरण भी है। सामान्य कार्ड शुल्क के अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क लिए बिना क्रेडिट कार्ड के साथ टर्म, यात्रा या दुर्घटना बीमा देने की पेशकश भी सूची में शामिल है। बैंक की बातचीत से बनी समूह स्वास्थ्य योजना में ग्राहक को शामिल करने के प्रस्ताव के साथ बैंक को मिलने वाला कमीशन बताने की बात कही गई है।

इसके विपरीत, गंभीर बीमारी के जोखिम के लिए स्वास्थ्य लाभ कवर को गृह या वाहन ऋण के साथ जोड़ने को हतोत्साहित करने का प्रस्ताव है, क्योंकि यह उधारकर्ता के लिए लागत के लिहाज से अनुपयुक्त हो सकता है। अभी किसी मौजूदा ऋण या पॉलिसी की शर्त अपने आप बदली नहीं है। ग्राहक के अधिकारों और संस्थानों की अंतिम जिम्मेदारियों का स्वरूप नियामक का अंतिम दस्तावेज तय करेगा।