नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर छात्राओं का प्रदर्शन 12 सितंबर की रात प्रशासन से बातचीत और नए आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। छात्राओं ने भोजन में कीड़े तथा अन्य बाहरी चीजें मिलने का आरोप लगाया था। मेस ठेकेदार बदलने, महिला कर्मियों की नियुक्ति और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न होने की मांगें रखी गई थीं। प्रशासन ने कई मांगें मानने का आश्वासन दिया था; उन्हें लागू किए जाने की अलग पुष्टि अभी बाकी है।
प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठन आइसा ने एक सहायक प्रॉक्टर पर छात्राओं से धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप लगाया था, जिसे विश्वविद्यालय ने नकारा। विश्वविद्यालय ने भी कुछ प्रदर्शनकारियों पर गेट क्षतिग्रस्त करने और प्रॉक्टर टीम से बदसलूकी का आरोप लगाया। इन परस्पर विरोधी आरोपों का स्वतंत्र निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है।
इस गर्ल्स हॉस्टल विवाद से अलग, विश्वविद्यालय के एक स्कूल के लड़कों के हॉस्टल में 12 सितंबर को दाल की कटोरी में गिरगिट मिलने का आरोप लगा। जामिया ने 14 सितंबर को कहा कि उसने सीसीटीवी फुटेज और घटना के पूरे क्रम की जाँच के लिए चार सदस्यीय तथ्य-जाँच समिति बनाई है तथा सरकारी जाँच एजेंसियों की सहायता माँगी है। विश्वविद्यालय के अनुसार फुटेज में एक छात्र कटोरी को मेस की मेज के नीचे ले जाता दिखाई देता है; समिति को यह भी तय करना है कि आरोप और घटनाक्रम के तथ्य क्या हैं। अभी यह स्थापित नहीं है कि गिरगिट परोसे गए भोजन में था या किसी छात्र ने उसे कटोरी में रखा। विश्वविद्यालय ने मेस और रसोई की निगरानी के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात भी कही है।