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झारखंड में किसान आईडी की शुरुआत अटकी, भूमि रिकॉर्ड और उत्तराधिकारी नामांतरण पर निर्णय बाकी

रांची, 12 सितंबर: झारखंड में एग्रीस्टैक के तहत किसान आईडी बनाने की प्रस्तावित शुरुआत भूमि रिकॉर्ड के पुराने होने और उत्तराधिकारी नामांतरण से जुड़े सवालों के कारण रुकी हुई बताई जा रही है। सामने आई जानकारी के अनुसार, राज्य दो जिलों में पायलट शुरू करना चाहता था, लेकिन मौजूदा किसानों के नाम कई भूमि अभिलेखों के रजिस्टर-टू में दर्ज न होने से डेटा मिलान की समस्या है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि विभाग ने उत्तराधिकारी नामांतरण को प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है और मामला राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा गया है। इस पर अंतिम सरकारी आदेश या पायलट शुरू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसान इसे पंजीकरण शुरू होने की घोषणा न समझें।

केंद्र की एग्रीस्टैक व्यवस्था में भूमि और खेती से संबंधित जानकारी को विशिष्ट डिजिटल किसान पहचान से जोड़ने की परिकल्पना है। झारखंड में धान खरीद का ई-उपार्जन पंजीकरण और फसल राहत योजना जैसे मौजूदा पोर्टल अलग प्रक्रियाएं हैं; उन्हें नई किसान आईडी जारी होने के बराबर न माना जाए।