रायगढ़, 13 सितंबर 2026: जिंदल स्टील ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में प्रसंस्कृत स्टील-स्लैग से 1.85 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क बनाने की जानकारी दी है। कंपनी के अनुसार, इस परियोजना को इस सामग्री से बनी सबसे लंबी सड़क के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की मान्यता मिली है। परियोजना में सीएसआईआर के केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) का तकनीकी सहयोग रहा। रिकॉर्ड का दावा कंपनी के जारी बयान पर आधारित है; गिनीज की अलग सार्वजनिक प्रविष्टि इस जाँच में उपलब्ध नहीं हुई।
करीब दो लाख टन औद्योगिक अवशेष का उपयोग
कंपनी ने बताया कि सड़क में लगभग दो लाख टन संसाधित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस स्टील-स्लैग एग्रीगेट लगाया गया है। चार लेन में कुल निर्मित लंबाई 7.4 लेन-किलोमीटर बैठती है। यह रायगढ़ की औद्योगिक आवाजाही के लिए बनाई गई सड़क है, इसलिए इसे आम सड़क निर्माण में पहले से लागू सार्वभौमिक मानक के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
स्टील-स्लैग इस्पात बनाने के दौरान निकलने वाला उप-उत्पाद है। इसे सीधे सड़क में डालने के बजाय उपयुक्त उम्र देने, धातु अलग करने, कुचलने, छाँटने और गुणवत्ता परीक्षण जैसी प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। इस तरह के स्लैग को सड़क निर्माण में उपयोग करने से पहले सामग्री की गुणवत्ता और उपयुक्तता की जाँच जरूरी होती है।
प्राकृतिक पत्थर पर निर्भरता घटाने की संभावना
यदि औद्योगिक अवशेष को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार सड़क सामग्री बनाया जाए, तो खदान से निकले पत्थर की कुछ जरूरत कम हो सकती है। लेकिन हर स्थान पर इसकी लागत, मजबूती और पर्यावरणीय असर समान होंगे, ऐसा नहीं माना जा सकता। वे निर्माण विधि, यातायात भार, पानी निकासी और लंबे समय की निगरानी पर निर्भर करते हैं।
जिंदल स्टील के अनुसार, यह सड़क भारी वाणिज्यिक यातायात को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। परियोजना के वास्तविक दीर्घकालीन प्रदर्शन के बारे में सार्वजनिक स्वतंत्र परीक्षण अभी इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं है। इसलिए कंपनी के व्यापक लागत-बचत या आयु संबंधी दावों को पक्के नतीजे के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
अब आगे क्या देखा जाएगा
इस तरह की परियोजनाओं के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए गुणवत्ता के एकसमान मानक, समय-समय पर सड़क की स्थिति की जाँच और अन्य संयंत्रों के स्लैग पर परीक्षण महत्वपूर्ण होंगे। रायगढ़ का उदाहरण औद्योगिक कचरे के उपयोग की एक दिशा दिखाता है, लेकिन दूसरे स्थानों पर इसकी उपयोगिता स्थानीय परीक्षण से ही तय होगी।


