तिरुवनंतपुरम, 14 सितंबर। केरल में बिजली की मांग और उपलब्ध आपूर्ति के बीच अंतर बना हुआ है। राज्य बिजली बोर्ड (KSEB) को जरूरत पड़ने पर शाम और रात में फीडर स्तर पर आपूर्ति सीमित करनी पड़ रही है। अधिकारियों के अनुसार दबाव सितंबर के अंत तक रह सकता है; हर इलाके के लिए कोई एक निश्चित कटौती समय-सारणी घोषित नहीं हुई है।
मंत्री ने महंगी बिजली खरीद की संभावना बताई
बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने 13 सितंबर को कहा कि पिछले साल के मुकाबले बिजली की जरूरत करीब 1,000 मेगावाट बढ़ी है। कमी लंबे समय तक रही तो सरकार अधिक कीमत पर अतिरिक्त बिजली खरीदने सहित विकल्पों पर विचार करेगी। उत्तर भारत के अतिरिक्त बिजली वाले राज्यों से मदद के लिए KSEB के अधिकारियों की बातचीत की योजना है। मध्य प्रदेश से प्रस्तावित 200 मेगावाट बिजली ऋण अभी नहीं मिला है। मंत्री ने कहा कि आपूर्ति प्रतिबंध की संभावना पूरी तरह खारिज नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार इसे न्यूनतम रखने का प्रयास करेगी। यह खरीद का अंतिम आदेश या नया टैरिफ घोषित होने की सूचना नहीं है।
KSEB ने क्या कहा
बोर्ड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एमजी राजमणिक्कम ने 13 सितंबर को प्रकाशित साक्षात्कार में बताया कि मानसून के दौरान सामान्यतः करीब 4,000 मेगावाट की पीक मांग इस बार 4,800 से 5,000 मेगावाट तक पहुँची, जबकि सुनिश्चित आपूर्ति करीब 4,000 मेगावाट है। उनके अनुसार कमी होने पर लगभग 25 मिनट के फीडर-स्तरीय प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं और मांग के हिसाब से उनका समय बदलता है। मंत्री ने अधिकारियों को संभावित व्यवधान की अग्रिम सूचना उपभोक्ताओं तक पहुँचाने को कहा है।
इससे पहले 12 सितंबर की शाम KSEB ने 6:15 बजे से रात 12:45 बजे के बीच जरूरत अनुसार आपूर्ति प्रतिबंध की संभावना जताई थी और 900 से 1,000 मेगावाट की कमी का अनुमान दिया था। वह समय शनिवार के लिए था, 14 सितंबर की घोषित समय-सारणी नहीं। उपभोक्ता अपने क्षेत्र की ताजा सूचना KSEB के आधिकारिक संदेश या स्थानीय कार्यालय से जाँचें।