All India · English
▤   All IndiaDesh Ki AawajThe complete pictureNational edition
⌖ All India

एलसीसी प्रोजेक्ट्स ₹653.34 करोड़ की सिंचाई निविदा में आगे, अंतिम ठेका बाकी

एलसीसी प्रोजेक्ट्स की खबर के लिए सौर ऊर्जा और स्प्रिंकलर सिंचाई का सांकेतिक चित्र

एलसीसी प्रोजेक्ट्स राजस्थान की छोटी कालीसिंध मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। कंपनी ने 24 सितंबर 2026 को बताया कि इस काम का अनुमानित कुल मूल्य GST सहित ₹653.34 करोड़ है। यह एल-1 स्थिति की घोषणा है; कंपनी ने अभी अंतिम ठेका मिलने की सूचना नहीं दी है।

परियोजना झालावाड़ जिले की गंगधार तहसील में छोटी कालीसिंध और चाहुर्नी नदी से जुड़ी है। इसमें सौर ऊर्जा प्रणाली के साथ स्प्रिंकलर आधारित सिंचाई ढाँचा तैयार करने का काम शामिल है। जल संसाधन क्षेत्र, कोटा के मुख्य अभियंता से संबंधित इस निविदा में आगे की औपचारिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

एलसीसी प्रोजेक्ट्स की बोली में कौन-सा काम शामिल है

निर्माण कार्य इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण यानी EPC पद्धति पर प्रस्तावित है। दस्तावेज में इसे एकल जिम्मेदारी वाला टर्नकी काम बताया गया है। इससे परियोजना के अलग-अलग निर्माण और प्रणाली संबंधी हिस्सों को एक समग्र दायित्व के तहत पूरा करने का ढाँचा सामने आता है।

छोटी कालीसिंध मध्यम सिंचाई योजना का घोषित स्वरूप स्प्रिंकलर और सौर प्रणाली को एक साथ जोड़ता है। हालांकि कंपनी की इस घोषणा में सिंचाई क्षेत्र का आकार, लाभान्वित किसानों की संख्या, सौर संयंत्र की मेगावाट क्षमता या पानी की निर्धारित आपूर्ति मात्रा नहीं बताई गई है। इसलिए इन पैमानों पर अभी कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।

परियोजना का पहलू घोषित जानकारी
कंपनी की स्थिति सबसे कम बोली, यानी एल-1
अनुमानित मूल्य ₹653.34 करोड़, GST सहित
स्थान गंगधार तहसील, झालावाड़, राजस्थान
निर्माण ढाँचा EPC, एकल जिम्मेदारी पर टर्नकी
मुख्य व्यवस्था स्प्रिंकलर सिंचाई के साथ सौर प्रणाली
कार्यान्वयन अवधि प्रभावी तारीख से 36 महीने

36 महीने की अवधि कब से गिनी जाएगी

घोषणा में काम पूरा करने के लिए प्रभावी तारीख से 36 महीने की अवधि दी गई है। प्रभावी तारीख का खुलासा इस पत्र में नहीं है। इस वजह से 24 सितंबर से सीधे तीन साल जोड़कर परियोजना पूरी होने की तारीख तय करना सही नहीं होगा। निर्माण की समय-सीमा समझने के लिए आगे की स्वीकृति और संबंधित अनुबंध की शर्तें अहम रहेंगी।

परियोजना को घरेलू काम बताया गया है। कंपनी ने यह भी कहा है कि उसके प्रवर्तकों, प्रवर्तक समूह या समूह कंपनियों का संबंधित काम देने वाली इकाई में हित नहीं है। घोषणा में इसे संबंधित पक्ष का लेनदेन भी नहीं बताया गया है।

बोली में बढ़त के बाद अगला चरण

एल-1 स्थिति कंपनी की निविदा में बढ़त दिखाती है, लेकिन इसी आधार पर ₹653.34 करोड़ को उसकी तत्काल आय या मुनाफे में नहीं जोड़ा जा सकता। अंतिम आवंटन, काम शुरू होने और निर्माण की प्रगति जैसे चरणों के बाद ही व्यावसायिक असर स्पष्ट होगा। कंपनी ने इस परियोजना से जुड़ा कोई लाभ मार्जिन या राजस्व मान्यता कार्यक्रम घोषित नहीं किया है।

एलसीसी प्रोजेक्ट्स ने आगे कोई विकास होने पर जानकारी देने की बात कही है। अब प्रमुख जानकारी अंतिम ठेके की स्थिति, प्रभावी तारीख और काम शुरू होने के कार्यक्रम से जुड़ेगी।