लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कानपुर से लखनऊ की ओर भारी वाहनों का प्रवेश अभी बंद रहेगा। आईआईटी खड़गपुर की जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही एनएचएआई आगे की आवाजाही पर निर्णय लेगा। क्षतिग्रस्त एलिवेटेड हिस्से की मरम्मत के कारण बनी से आगे लखनऊ जाने वाले वाहनों का डायवर्जन 25 सितंबर तक जारी रहने की सूचना है। यात्रियों को निकलने से पहले मौके की यातायात व्यवस्था और आधिकारिक अपडेट देखना चाहिए।
छह अगस्त से इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली रुकी हुई है। एनएचएआई के प्रतिदिन 42 लाख रुपये के आकलन के आधार पर करीब 18 करोड़ रुपये का संभावित टोल राजस्व प्रभावित बताया गया है। यह आकलन है, वसूल की जा चुकी रकम नहीं। एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी पीएनसी से नुकसान की भरपाई करने की बात कही है। प्रभावित एलिवेटेड हिस्से के दोबारा खुलने की संभावित तारीख 25-26 सितंबर बताई गई है, लेकिन अंतिम निर्णय जाँच और सुरक्षा समीक्षा पर निर्भर करेगा।
इससे पहले एनएचएआई ने 11 सितंबर के पत्र से परियोजना कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड पर लगी तीन साल की डिबारमेंट उसकी प्रमोटर पीएनसी इंफ्राटेक तक बढ़ा दी थी। कंपनी की शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार वह इस अवधि में सड़क परिवहन मंत्रालय, एनएचएआई और उनकी कार्यान्वयन एजेंसियों की नई बोलियों में भाग नहीं ले सकेगी। कंपनी कानूनी विकल्प देख रही है और उसने कहा है कि मौजूदा परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव पर इसका तत्काल असर नहीं पड़ेगा।
बंथरा के पास 13 सितंबर की देर रात एलिवेटेड हिस्से से कंक्रीट और मलबा नीचे कानपुर रोड पर गिरा था। नीचे का रास्ता मलबा हटने के बाद सामान्य हुआ, लेकिन एक्सप्रेसवे की प्रभावित लेन पर पाबंदी बनी रही। तकनीकी जाँच पूरी होने से पहले क्षति की अंतिम वजह तय नहीं मानी जा सकती।