देश की आवाज़ न्यूज डेस्क | इंफाल, 15 सितंबर 2026। मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने 14 सितंबर की शाम मुख्यमंत्री सचिवालय में विभिन्न दलों के नेताओं और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। 15 सितंबर को सामने आए सरकारी बयान के अनुसार बैठक में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) अपडेट करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अलग-अलग पक्षों की चिंताएँ और सुझाव सुने। इस बैठक को NRC लागू करने का अंतिम सरकारी या केंद्रीय फैसला समझना उचित नहीं होगा; प्रक्रिया, आधार वर्ष या समयसीमा पर कोई नया आदेश घोषित नहीं हुआ है।
बैठक में भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने भी कहा कि राज्य के कई मुद्दों के साथ जनता के हित में NRC अपडेट पर बात हुई। इससे पहले राज्य सरकार 1951 को आधार वर्ष मानकर NRC अपडेट कराने की मांग केंद्र के सामने उठाने की बात कह चुकी है। 15 सितंबर के नए बयान में उस आधार वर्ष को लेकर कोई नई औपचारिक मंजूरी बताई नहीं गई है।
पहले की स्थिति: कार्यालय बंद आंदोलन
13 सितंबर को मणिपुर सरकार ने Campaign for Just and Fair Delimitation (JFD) से राज्य और केंद्र सरकार के कार्यालय बंद कराने का आंदोलन वापस लेने की अपील की थी। प्रवक्ता और विधायक सपम रंजन सिंह ने कहा था कि सरकार जनगणना से पहले 1951 को आधार वर्ष मानकर NRC अपडेट कराने की मांग केंद्र के सामने उठाती रहेगी। उनके अनुसार गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम इस विषय पर केंद्र से बातचीत के लिए दिल्ली गए थे और विधानसभा पहले के NRC प्रस्ताव को दोहरा चुकी थी। ये राज्य सरकार की ओर से बताए गए प्रयास हैं; केंद्र के निर्णय की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
JFD ने 10 सितंबर की समयसीमा के बाद 11 सितंबर से दफ्तर बंद का आह्वान किया था। संगठन NRC के बाद जनगणना और परिसीमन की मांग करता रहा है। बिजली, पानी, चिकित्सा, कृषि, अदालत, डाक और बैंक जैसी जरूरी सेवाओं को छूट देने की बात भी उसने कही थी। आंदोलन के जिलावार वास्तविक असर या इसे वापस लेने के अंतिम निर्णय की व्यापक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। संबंधित कार्यालय के कामकाज के लिए स्थानीय प्रशासन की ताज़ा सूचना देखें।