शिलांग: मेघालय हाईकोर्ट को राज्य स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि बर्नीहाट क्षेत्र में पिछले एक वर्ष के दौरान कैंसर के 19 मामले दर्ज हुए हैं। उमट्रेव नदी में प्रदूषण से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए अदालत ने मेघालय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नदी और क्षेत्र की अन्य नदियों से पानी के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर
मुख्य न्यायाधीश रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति डब्ल्यू. दीनग्दोह की पीठ ने स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्थिति रिपोर्ट रिकॉर्ड पर ली। अदालत ने अगस्त की पिछली सुनवाई में स्वास्थ्य विभाग से बर्नीहाट में एक वर्ष के दौरान पहचाने गए कैंसर मरीजों का आंकड़ा मांगा था। नई रिपोर्ट में 19 मामले बताए गए हैं। इस आंकड़े से बीमारी और किसी खास प्रदूषण स्रोत के बीच कारण संबंध स्थापित नहीं होता।
कचरा हटाने की तस्वीरों सहित रिपोर्ट मांगी
अदालत ने राज्य सरकार से यह भी कहा कि उमट्रेव नदी के पुल के नीचे जमा कचरा हटाया गया है या नहीं, इस पर तस्वीरों सहित हलफनामा पेश किया जाए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को असम की ओर बर्नीहाट क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों और संबंधित टास्क फोर्स की कार्रवाई पर जवाब देने को कहा गया है।
मामले में पहले उद्योगों के अनुपालन, घरेलू सीवेज, ठोस कचरा प्रबंधन और नदी में अपशिष्ट छोड़े जाने से जुड़े मुद्दे अदालत के सामने रखे जा चुके हैं। हाईकोर्ट इन निर्देशों के पालन की निगरानी जारी रखेगा।