मेघालय में SMART-PDS के तहत लंबे समय से इस्तेमाल न हो रहे राशन कार्डों की पहचान और अस्थायी निष्क्रियता की स्वचालित व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू करने की सूचना जारी की गई है। पश्चिम जयंतिया हिल्स के आपूर्ति प्रशासन के अनुसार, लगातार छह महीने या उससे अधिक समय तक राशन उठाने का सफल लेनदेन दर्ज न होने वाले कार्ड इस जाँच में आएँगे।
पोर्टल हर महीने की 21 तारीख को ऐसे कार्डों की पहचान करेगा। इन्हें साइलेंट राशन कार्ड कहा गया है। व्यवस्था में आधार के जरिए केंद्रीय रिकॉर्ड से मिलान करके डुप्लिकेट लाभार्थियों की पहचान भी की जाएगी।
कार्ड निष्क्रिय होने पर क्या करें
कार्ड निष्क्रिय होने पर परिवार के पंजीकृत मुखिया को एसएमएस भेजने का प्रावधान है। सूचना मिलने या कार्ड निष्क्रिय होने का पता चलने पर लाभार्थी नजदीकी उचित मूल्य दुकान अथवा उपायुक्त के आपूर्ति कार्यालय में कार्य समय के दौरान संपर्क कर सकते हैं।
प्रभावित लाभार्थियों को ई-केवाईसी और आधार सत्यापन पूरा करके लाभ दोबारा चालू कराने की प्रक्रिया के लिए 90 दिन की मोहलत दी जाएगी। केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने भी इस व्यवस्था में अस्थायी निष्क्रियता के बाद तीन महीने की पुनः सत्यापन अवधि बताई है।
यह सूचना पात्र कार्डों की जाँच की प्रक्रिया से संबंधित है। किसी परिवार के कार्ड की वास्तविक स्थिति संबंधित राशन दुकान या आपूर्ति कार्यालय से जाँची जा सकती है।
