रायगढ़ा: ओडिशा के रायगढ़ा जिले में बिशमकटक-थेरुबाली रेलखंड पर ट्रेन इंजन की टक्कर से एक नर हाथी की मौत हो गई। घटना बिशमकटक ब्लॉक के बुरुंदाबाड़ी गांव के पास बुधवार देर रात हुई और हाथी का शव गुरुवार को रेलवे ट्रैक से करीब तीन मीटर दूर मिला।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्टों के अनुसार शुरुआती जानकारी में टक्कर एक हल्के रेल इंजन से होने की बात कही गई है। हालांकि रायगढ़ा के संभागीय वन अधिकारी सचिन अन्नासाहेब ओहल ने कहा कि मौत की सटीक परिस्थितियों की जाँच की जा रही है और जरूरी परीक्षण के बाद ही कारण स्पष्ट होगा।
वन विभाग और रेलवे की टीम मौके पर
सूचना मिलने पर वन विभाग और रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुँचे। बारिश के कारण शव हटाने की प्रक्रिया में देरी हुई। वन विभाग ने वन्यजीव संबंधी निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई और पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू की।
रिपोर्टों में बताया गया है कि चार हाथियों का एक झुंड पिछले कुछ महीनों से भटपुर-बुरुंदाबाड़ी क्षेत्र में घूम रहा था। यह झुंड कथित रूप से कालाहांडी जिले की ओर से आया था। घटना के समय हाथी रेल पटरी तक कैसे पहुँचा और चालक दल या संबंधित विभागों को उसके आवागमन की कोई पूर्व सूचना थी या नहीं, इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
रेल मार्गों पर वन्यजीव सुरक्षा का सवाल
हाथी की मौत ने जंगलों से गुजरने वाले रेल मार्गों पर निगरानी, चेतावनी व्यवस्था और वन विभाग-रेलवे समन्वय को फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल अधिकारियों ने किसी व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी तय नहीं की है। जाँच पूरी होने से पहले लापरवाही के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
ओड़िया समाचार वेबसाइट ओडिशा संवाद ने भी घटनास्थल को बिशमकटक और थेरुबाली स्टेशनों के बीच बताया है। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में इंजन और टक्कर के समय के विवरण में मामूली अंतर है; इसलिए इस रिपोर्ट में केवल उन तथ्यों को शामिल किया गया है जिनकी एक से अधिक स्रोतों में पुष्टि हुई।
यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक जाँच या पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर विवरण अपडेट किया जा सकता है।