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पीलीभीत के सेहरामऊ में हाथियों से फसल को नुकसान, वन विभाग की टीम तैनात

धान और गन्ने के खेत के पास जंगली हाथियों का सांकेतिक दृश्य

पीलीभीत, 14 सितंबर 2026। सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के किसानों ने रात में जंगली हाथियों के खेतों में घुसने से धान और गन्ने को नुकसान होने की शिकायत की है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर और डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने इलाके में हाथियों की मौजूदगी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम गतिविधियों पर निगरानी रख रही है और सबसे पहले झुंड को आबादी तथा खेतों से दूर करना जरूरी है।

किसानों ने धान और गन्ने के नुकसान की जानकारी दी

ग्रामीणों के मुताबिक शुक्रवार रात सेहरामऊ के पास हाथी खेतों में आए थे। शनिवार रात भी फसल और कुछ अस्थायी खेत झोपड़ियों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। ग्रामीणों ने विजय बहादुर सिंह और ओम प्रकाश की लगभग एक एकड़ धान, दीनदयाल की तीन बीघा धान और धीरज की दो बीघा गन्ने की फसल प्रभावित होने की जानकारी दी है। प्रह्लाद की करीब पांच बीघा धान तथा अन्य किसानों के गन्ने के खेतों में भी नुकसान का दावा किया गया है। ये किसानों के बताए प्रारंभिक आंकड़े हैं; सरकारी सर्वे के बाद ही नुकसान का अधिकृत आकलन सामने आएगा।

रात में खेत जाने से बचने की सलाह

मनीष सिंह के अनुसार, नेपाल की बाढ़ के बाद हाथियों के इस ओर आने की संभावना है, हालांकि झुंड की आवाजाही की निगरानी जारी है। वन विभाग ने रविवार से टीम तैनात करने और ग्रामीणों को हाथियों के करीब न जाने, उनका सामना न करने तथा खासकर रात में खेतों की ओर न जाने की सलाह दी है। फसल देखने या बचाने की चिंता में अकेले झुंड के पास जाना जान के लिए खतरा बन सकता है। हाथी दिखने पर स्थानीय वन विभाग को सूचना दें और उसकी टीम के निर्देश मानें।

मुआवजे की प्रक्रिया सर्वे के बाद

प्रभावित किसान गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वन अधिकारी ने बताया कि फसल नुकसान का आकलन वन विभाग के सर्वे तथा राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार होने पर ही पात्र किसानों के लिए मुआवजे की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। इसलिए किसी किसान को निश्चित राशि मिलने या भुगतान शुरू होने का दावा अभी समय से पहले होगा। इस बीच किसानों के लिए नुकसान की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दर्ज कराना और खेत का विवरण सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।