जयपुर, 11 सितंबर 2026। राजस्थान में निजी कॉलेजों को अब अनापत्ति प्रमाणपत्र पाने या उसे बनाए रखने के लिए परिसर में चालू शौचालय, नियमित पानी और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। कॉलेज शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं के बिना भविष्य में एनओसी जारी नहीं की जाएगी। नियमों का पालन नहीं मिलने पर पहले से मिली मंजूरी भी वापस ली जा सकती है।
यह व्यवस्था उन सभी निजी कॉलेजों पर लागू होगी जिन्होंने विभाग के पास एनओसी के लिए आवेदन किया है या आगे आवेदन करना चाहते हैं। विभाग ने संस्थानों को निजी कॉलेज नीति 2021-22 में तय मानकों और उच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने को कहा है। इसका सीधा असर नए कॉलेज खोलने, अस्थायी मंजूरी बढ़वाने और मौजूदा अनुमति जारी रखने की प्रक्रिया पर पड़ेगा।
Rajasthan College NOC में कितने शौचालय जरूरी?
छात्राओं के लिए प्रत्येक 40 पर कम से कम एक शौचालय और प्रत्येक 20 पर एक मूत्रालय का प्रावधान रखा गया है। छात्रों के लिए प्रत्येक 80 पर एक शौचालय और प्रत्येक 20 पर एक मूत्रालय जरूरी होगा। कॉलेज कर्मचारियों के लिए विद्यार्थियों से अलग शौचालय की व्यवस्था भी करनी होगी। केवल भवन बना होना पर्याप्त नहीं माना जाएगा; सुविधा इस्तेमाल योग्य और नियमित रूप से साफ होनी चाहिए।
कॉलेजों को शौचालयों में छत, दरवाजे और अंदर से बंद होने वाली कुंडी जैसी गोपनीयता संबंधी सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी। गंदे पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था जरूरी होगी। खराब नल, टूटी पाइपलाइन या पानी रहित शौचालय को मानक पूरा करने वाला नहीं माना जाएगा।
पानी की स्थायी व्यवस्था भी जांच में शामिल
निजी संस्थानों को परिसर के लिए वैध जल कनेक्शन लेना होगा। शौचालयों के लिए अलग और भरोसेमंद पानी की आपूर्ति के साथ ऊपरी टंकी की व्यवस्था अपेक्षित है। विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना भी एनओसी जांच का हिस्सा होगा। इससे आवेदन की समीक्षा केवल कागजी दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेगी।
विभाग नियमित अंतराल पर निरीक्षण करा सकता है। जांच में कोई सुविधा बंद, अस्वच्छ या निर्धारित अनुपात से कम मिलने पर संस्थान को सुधार के निर्देश दिए जा सकते हैं। लगातार उल्लंघन की स्थिति में एनओसी वापस लेने और दूसरी प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित निजी कॉलेज की होगी।
विद्यार्थियों के लिए फैसले का क्या अर्थ?
लंबे समय तक कॉलेज परिसर में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शौचालय और पीने का पानी स्वास्थ्य तथा नियमित उपस्थिति से जुड़े बुनियादी मुद्दे हैं। विशेष रूप से छात्राओं के लिए गोपनीयता, पानी और साफ सुविधा की कमी पढ़ाई के दौरान परेशानी बढ़ा सकती है। नए नियम मंजूरी प्रक्रिया को इन सुविधाओं की वास्तविक स्थिति से जोड़ते हैं।
कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले विद्यार्थी और अभिभावक परिसर का दौरा करके शौचालय, पानी, निकासी और सफाई की स्थिति देख सकते हैं। यदि घोषित सुविधा मौके पर उपलब्ध नहीं है तो शिकायत के लिए आवेदन और कॉलेज विवरण सुरक्षित रखना उपयोगी होगा।
निजी कॉलेजों को अब क्या करना होगा?
संस्थानों को छात्र संख्या के अनुसार सुविधाओं की गणना कर कमी दूर करनी होगी। पानी की टंकी, कनेक्शन, सफाई कर्मचारी, मरम्मत और निकासी व्यवस्था का रिकॉर्ड तैयार रखना होगा। Rajasthan College NOC आवेदन भेजने से पहले प्रबंधन को यह भी जांचना चाहिए कि कर्मचारी शौचालय अलग है और सभी दरवाजे, छत, नल तथा कुंडियां काम कर रही हैं।
यह आदेश किसी कॉलेज को तत्काल बंद करने की घोषणा नहीं है। इसका उद्देश्य एनओसी जारी करने और उसकी निरंतरता को न्यूनतम स्वच्छता मानकों से जोड़ना है। अंतिम कार्रवाई निरीक्षण और अनुपालन की स्थिति पर निर्भर करेगी।