चेन्नई, 11 सितंबर 2026। तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग ने मंदिरों में बेचे जाने वाले 10 सामान्य प्रसादों की गुणवत्ता, मात्रा और कीमत को मानकीकृत करने की योजना अधिसूचित की है। नई व्यवस्था में रेसिपी, सामग्री का अनुपात, हिस्से और बैच का आकार, पैकेजिंग तथा मूल्य तय किए जाएंगे।
टाइम्स ऑफ इंडिया की 11 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, मंदिरों को प्रसाद अपने परिसर में तैयार करने और काम बाहर की एजेंसियों को न देने को कहा गया है। कीमतें कच्चे माल, LPG, श्रम और पैकेजिंग लागत के आधार पर विभाग तय करेगा। आविन घी और सहकारी दुकानों की दरों पर खरीदी गई सामग्री के उपयोग का निर्देश भी दिया गया है।
योजना में लड्डू, पंचामृतम, पुलियोधरै और सक्करै पोंगल जैसे प्रसाद शामिल हैं। पैकेट पर निर्माता का नाम-पता, वस्तु का नाम, शुद्ध मात्रा, निर्माण या पैकिंग की तारीख, अधिकतम खुदरा मूल्य, प्रति इकाई बिक्री मूल्य और शिकायत के लिए संपर्क विवरण देना होगा। पारंपरिक रेसिपी वाले मंदिर अलग लागत प्रस्ताव दे सकेंगे।
यह मौलिक हिंदी रिपोर्ट स्रोत सामग्री के आधार पर AI सहायता से तैयार की गई है।