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त्रिपुरा हाईकोर्ट का आदेश: सभी पुलिस थानों में CCTV चालू रखना और रिकॉर्ड सुरक्षित करना जरूरी

अगरतला, 17 सितंबर 2026: त्रिपुरा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सभी पुलिस थानों में CCTV कैमरों की स्थापना, संचालन और रखरखाव पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। आदेश पूर्वी अगरतला पुलिस थाने में हिरासत के दौरान कथित मारपीट और अपमान के मामले की सुनवाई के बाद दिया गया।

थाना प्रभारी की सीधी जिम्मेदारी

मुख्य न्यायाधीश एम.एस. रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति बिस्वजीत पालित की पीठ ने कहा कि प्रत्येक थाने के प्रभारी अधिकारी को कैमरों के काम करने, रिकॉर्डिंग और रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। कैमरा खराब होने पर जिला स्तरीय निगरानी समिति को तुरंत सूचना देनी होगी।

कैमरा खराब हो तो गिरफ्तारी और पूछताछ का विवरण

जिस अवधि में CCTV काम न करे, उस दौरान थाने में हुई गिरफ्तारियों और पूछताछ का विवरण भी निगरानी समिति को भेजना होगा। जिला समिति को राज्य स्तरीय समिति से मरम्मत या उपकरण बदलने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कराने को कहा गया है।

रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने पर जोर

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के परमवीर सिंह सैनी मामले में दिए निर्देशों को अक्षरशः लागू करने को कहा। इन निर्देशों का उद्देश्य पुलिस थानों में पारदर्शिता बढ़ाना, हिरासत में दुर्व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष जाँच में मदद देना और जरूरी CCTV रिकॉर्ड सुरक्षित रखना है।

मौजूदा मामले की पृष्ठभूमि

याचिका में अप्रैल 2026 की रात पूर्वी अगरतला थाने में एक युवक के साथ कथित मारपीट और अपमान का आरोप था। मामले में विशेष जांच दल की कार्रवाई और विभागीय कदम अदालत के रिकॉर्ड पर रखे गए। आरोपों पर अंतिम दोषसिद्धि का निर्णय सक्षम न्यायिक प्रक्रिया से ही होगा।

शिकायतकर्ता के लिए इसका अर्थ

हिरासत में दुर्व्यवहार की शिकायत होने पर CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकता है। संबंधित व्यक्ति या परिवार को तारीख, समय और थाना स्पष्ट रखते हुए कानूनी सहायता लेनी चाहिए ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का अनुरोध समय पर किया जा सके।