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यूपी में सक्रिय KCC खाते घटे, फिर भी बकाया ₹1.40 लाख करोड़ के करीब

कृषि ऋण के खातों को देखते किसान का सांकेतिक दृश्य

उत्तर प्रदेश में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के सक्रिय खातों की संख्या घटने के बाद भी इन पर बकाया ऋण लगभग ₹1.40 लाख करोड़ है। सरकारी तालिका के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य के 98,60,137 सक्रिय KCC खातों पर ₹1,39,986 करोड़ बकाया दर्ज हुआ। देश की राज्यवार सूची में यह सबसे बड़ी राशि है। ये वित्त वर्ष के आंकड़े हैं, आज जारी नया ऋण नहीं।

एक साल में खातों और बकाया का रुझान

2024-25 में उत्तर प्रदेश के 1,09,56,279 सक्रिय खातों पर ₹1,41,375 करोड़ बकाया था। अगले वित्त वर्ष में सक्रिय खातों की संख्या करीब 10.96 लाख और बकाया ₹1,389 करोड़ कम हुआ। इससे पहले 2021-22 में राज्य का बकाया ₹1,23,076 करोड़ था। इस तरह लंबी अवधि में राशि बढ़ी है, हालांकि ताजा सालाना तुलना में मामूली कमी दिखती है।

अन्य राज्यों में कितनी राशि दर्ज है?

उसी सरकारी तालिका में 2025-26 के लिए राजस्थान का KCC बकाया ₹1,15,769 करोड़, मध्य प्रदेश का ₹87,391 करोड़, गुजरात का ₹81,322 करोड़ और महाराष्ट्र का ₹75,143 करोड़ है। पूरे देश में सक्रिय KCC खाते 7,28,27,884 और इन पर बकाया ₹10,08,256 करोड़ दर्ज हुआ। ये कुल राशियां हैं; इनसे किसी एक किसान की देनदारी तय नहीं की जा सकती।

बकाया और चूक में फर्क

KCC का बकाया उस समय खातों में बचा ऋण है। इसका अर्थ यह नहीं कि पूरी राशि की अदायगी का समय निकल गया है या सभी खाते डिफॉल्ट में हैं। सक्रिय खातों की संख्या भी अनिवार्य रूप से अलग-अलग किसानों की संख्या नहीं बताती। किसानों को अपने खाते की वास्तविक देय तिथि, ब्याज और भुगतान की शर्तें बैंक विवरण से देखनी चाहिए। वित्त वर्ष की इस तस्वीर से खेती की लागत, आय या कर्ज न चुका पाने की स्थिति पर अकेले निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।