उत्तर प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बढ़ने से रात की कटौती में कुछ राहत मिली है। पावर कॉरपोरेशन के अनुसार पिछले 48 घंटे में बंद पड़ी कई तापीय इकाइयों से 2,500 मेगावाट से अधिक उत्पादन फिर शुरू हुआ है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में रात की आपात कटौती घटने की बात कही गई है, हालांकि स्थानीय फॉल्ट और क्षेत्रवार स्थिति अलग हो सकती है।
अनपरा, हरदुआगंज और ओबरा की इकाइयों से बुधवार को करीब 1,500 मेगावाट उत्पादन लौटने के बाद गुरुवार को घाटमपुर और जवाहरपुर की एक-एक इकाई से 1,000 मेगावाट से अधिक बिजली मिलने लगी। घाटमपुर की एक और इकाई तथा रोजा की बंद इकाई शुरू होने पर उपलब्धता और बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
इससे पहले 15 सितंबर को राज्य की अधिकतम मांग करीब 29,800 मेगावाट और आपूर्ति लगभग 27,000 मेगावाट बताई गई थी। 13 सितंबर को मांग और उपलब्धता के बीच 3,650 मेगावाट का अंतर दर्ज किया गया था तथा ग्रामीण औसत आपूर्ति 16 घंटे 41 मिनट बताई गई थी। कोयला खदानों में बारिश और जलभराव के साथ कुछ संयंत्रों की तकनीकी खराबी को संकट की प्रमुख वजह बताया गया था।
अतिरिक्त उत्पादन लौटना राज्यस्तर पर सुधार का संकेत है, लेकिन इससे हर जिले या गांव में तत्काल निर्बाध आपूर्ति की गारंटी नहीं बनती। उपभोक्ता नियोजित शटडाउन, स्थानीय फॉल्ट और अपने क्षेत्र के आपूर्ति रोस्टर की जानकारी संबंधित वितरण कंपनी या बिजली कार्यालय से लें।