हैदराबाद, 11 सितंबर 2026। तेलंगाना हाईकोर्ट ने दुर्गम चेरुवु के पास प्राचीन शैल संरचनाओं वाली 10 एकड़ जमीन की ई-नीलामी से पहले लेआउट में किए गए बदलावों पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने सरकार को विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने और संबंधित सभी कार्यवाही का रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया।
मीडिया की 11 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जीएम मोहिउद्दीन की पीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
याचिकाकर्ता का कहना है कि जमीन का हिस्सा 1998 और 2003 के सरकारी आदेशों के तहत विरासत और शैल संरक्षण क्षेत्र के रूप में चिन्हित था। राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि नीलाम जमीन अनिवार्य 50 मीटर बफर जोन के भीतर नहीं आती और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। सफल बोलीदाता ने भी अंतरिम राहत का विरोध किया और बताया कि कुल बिक्री मूल्य का 25 प्रतिशत, यानी 355 करोड़ रुपये, जमा किया जा चुका है।