पणजी, 12 सितंबर 2026। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि राज्य के मौजूदा राजभाषा कानून में बदलाव करना उचित नहीं होगा। मराठी को कोंकणी के समान राजभाषा का दर्जा देने की माँग पर उन्होंने कहा कि गोवा का गठन भाषा के आधार पर हुआ था और मौजूदा व्यवस्था को बदलने का उनका इरादा नहीं है।
गोवा के 1987 के राजभाषा अधिनियम के अनुसार देवनागरी लिपि में कोंकणी राज्य की आधिकारिक भाषा है। अधिनियम में मराठी के भी सरकारी कामकाज में उपयोग का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मराठी भाषा का दर्जा बढ़ाने की माँग करने वाले प्रतिनिधियों से मुलाकात की है।
यह बयान राज्य में राजभाषा के दर्जे को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। फिलहाल सरकार ने कानून में संशोधन की कोई घोषणा नहीं की है।