बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 15 सितंबर को राहत राशि का नया भुगतान हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8,27,472 परिवारों के बैंक खातों में कुल 579.23 करोड़ रुपये भेजे। प्रति परिवार 7,000 रुपये की सहायता दी गई। यह आपदा राहत है; फसल नुकसान के लिए अलग आकलन और सहायता की प्रक्रिया इससे अलग हो सकती है।
केंद्रीय टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया
16 सितंबर को केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान बिहार पहुंचे और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया। हाजीपुर-वैशाली क्षेत्र में टीम ने नाव, ट्रैक्टर और बोट के जरिए जलमग्न इलाकों और खेतों की स्थिति देखी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नुकसान का आकलन कर केंद्र सरकार राज्य को सहायता उपलब्ध कराएगी।
केंद्र और राज्य की टीमों ने फसल, सड़क, मकान और पशुधन से जुड़े नुकसान की जानकारी जुटाई। कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़े अधिकारी भी आकलन में शामिल हैं। राज्य सरकार ने बताया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के तौर पर 7,000 रुपये प्रति परिवार देने की प्रक्रिया शुरू है।
15 जिलों में करीब 49.74 लाख लोग प्रभावित
आपदा प्रबंधन से जुड़े ताजा आंकड़ों के अनुसार 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में लगभग 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बताई गई हैं।
राहत व्यवस्था के तहत सामुदायिक रसोई, चिकित्सा दल, नाव और आपदा प्रतिक्रिया बलों की तैनाती जारी है। कई इलाकों में खेत लंबे समय से पानी में डूबे हैं, इसलिए फसल क्षति का अंतिम आंकड़ा पानी उतरने और सर्वे पूरा होने के बाद साफ होगा।
किसानों के नुकसान का आकलन
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से खेत, फसल और अन्य नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। पानी उतरने पर सुरक्षित स्थिति में खेत की तस्वीरें, खसरा तथा पहचान और बैंक खाते के दस्तावेज संभालना किसानों के लिए उपयोगी होगा। फसल क्षति का आवेदन केवल घोषित सरकारी प्रक्रिया के अनुसार करें; 7,000 रुपये की पारिवारिक राहत को फसल मुआवजा मानकर न चलें।
राहत और सुरक्षा
जिन परिवारों के खाते में सहायता न पहुँची हो, वे अपने जिला प्रशासन या आपदा प्रबंधन कार्यालय से पात्रता और भुगतान की स्थिति जाँचें। तेज बहाव, डूबे रास्तों और बिजली की चेतावनी के समय खेत या पशु बचाने के लिए जोखिम न लें।



